इस गांव में बेटी ब्‍याहने से कतराते हैं लोग, जानिए क्यों?

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हजारीबाग – प्राकृतिक संसाधनों से संपन्‍न झारखंड में आमलोगों को एक गंभीर समस्‍या से जूझना पड़ता है। पहाड़ और जंगल से भरपूर झारखंड के कई इलाके अभी तक ऑल वेदर रोड से नहीं जुड़ सके हैं। कुछ गांव तो ऐसे हैं, जहां पक्‍की सड़क के अभाव में लोग वहां अपनी बेटी तक को ब्‍याहना नहीं चाहते हैं। इससे गांव के लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है। एक तो बारिश के समय में मुख्‍य सड़क से गांव तक जाना बेहद मुश्किल हो जाता है और दूसरा यह कि गांव के युवाओं को मनपसंद दुल्‍हनियां भी नहीं मिलती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्‍होंने इस बाबत कई बार स्‍थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से बात कर चुके हैं, लेकिन उन्‍हें हर बार निराशा ही हाथ लगी है।

कनकी के गंधोनिया में सभी मौसमों के अनुकूल सड़क का अभाव है। पक्‍की सड़क न होने के कारण लोग इस गांव में बेटी का ब्‍याह करने से भी कतराते हैं। यह गांव ज़िला मुख्यालय से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर डाड़ी प्रखंड में पड़ता है। जनप्रतिनिधियों की उपेछा के कारण इस गांव का अभी तक समुचित विकास नहीं हो सका है. वर्षों से गंधोनिया में जाने के लिए एक अदद पक्की सड़क नहीं है। बरसात में ग्रामीणों को ज्यादा दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि तक सड़क बनाने के प्रति कभी गंभीर नहीं रहे। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के बिना विकास अधूरा है, ऐसे में सरकार और जनप्रतिनिधियों को गंधोनिया में सड़क बनाने के प्रति गंभीरता दिखाने की ज़रूरत है। यहां रहने वाले आदिवासी और दूसरी अन्य जातियों के लोग यहां सड़क निर्माण की मांग करके थक चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गंधोनिया हमेशा से विकास के मामले में जनप्रतिनिधियों की उपेछा का शिकार रहा है। गंधोनिया के लोग कच्ची सड़क के माध्यम से आगे का रास्ता तय करते हैं।
ग्रामीण चिंता देवी बताती हैं कि जब वह ब्याह कर यहां आई थीं तब से अब तक सड़क इसी तरह है। रेणु देवी को भी ससुराल में पक्की सड़क न होने का मलाल है। राजकुमार राजू बताते हैं कि जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन सड़क बनाने की ओर किसी का ध्यान नहीं है।

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