ओमिक्रॉन: अंग्रेजो के देश ब्रिटेन से हैदराबाद पहुंची महिला कोरोना संक्रमित, जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया सैंपल

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हाईलाइट

  • महिला को तेलंगाना आयुर्विज्ञान संस्थान में आइसोलेट कर दिया गया है

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। ब्रिटेन से हैदराबाद पहुंची एक 35 वर्षीय महिला कोरोनावायरस से संक्रमित पाई गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। महिला को तेलंगाना आयुर्विज्ञान संस्थान (टीआईएमएस या टिम्स) में आइसोलेट कर दिया गया है और उसके नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से तो संक्रमित नहीं है। जन स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जी. श्रीनिवास राव ने संवाददाताओं को बताया कि महिला की स्वास्थ्य स्थिति अच्छी है और उसमें कोई लक्षण नहीं हैं।

जोखिम वाले देशों से हैदराबाद पहुंचने वाले यात्रियों के बीच यह पहला कोविड पॉजिटिव मामला देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि बुधवार को ब्रिटिश एयरवेज द्वारा राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुल 206 और सिंगापुर एयरलाइंस द्वारा 119 यात्री पहुंचे। 35 वर्षीय महिला को छोड़कर, सभी यात्री की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। महिला को जोखिम वाले देशों से आने वाले कोविड-19 पॉजिटिव यात्रियों को आइसोलेट या अलग-थलग करने के लिए सरकार द्वारा नामित सुविधा टिम्स में स्थानांतरित कर दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने हैदराबाद हवाई अड्डे पर निगरानी को मजबूत किया है और 12 जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी यात्रियों का कोविड परीक्षण किया जा रहा है।

नए वैरिएंट के मद्देनजर जोखिम वाले देशों में ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजराइल सहित यूरोपीय देश शामिल हैं। यात्रियों को कोविड-19 परीक्षणों के परिणाम प्राप्त होने तक हवाई अड्डे पर इंतजार करना होगा। केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि यात्री का टेस्ट निगेटिव आता है, तो उन्हें सात दिनों के लिए होम क्वारंटाइन करना होगा। आठवें दिन उनका पुन: परीक्षण किया जाएगा और यदि वे निगेटिव पाए जाते हैं, तो उन्हें अगले 7 दिनों तक स्वयं ही निगरानी करनी होगी।

पॉजिटिव पाए जाने वालों को विशेष एम्बुलेंस द्वारा टिम्स भेजा जाएगा। ऐसे मामलों को आइसोलेट करने के लिए गाचीबोवली में टिम्स बिल्डिंग की दो मंजिलें रिजर्व रखी गई हैं। उनके नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे और इसके परिणाम तीन दिनों में प्राप्त किए जा सकते हैं।

(आईएएनएस)

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