कासगंज- पुलिस दफ्तर में एसपी ने कराई अनोखी शादी,पीएसी में तैनात आरक्षी की पुलिस कार्यालय में शादी।

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तीन माह पूर्व दारोगा भर्ती के दौरान हुआ प्यार पुलिस कार्यालय में चढा परवान।

लडके पक्ष के लोग नहीं थे शादी करने को इच्छुक।

एसपी ने समझा बुझाकर कराई प्रेमी युगल की शादी।

एक दूसरे को माला पहनाकर और सिंदूर भरकर खिलाई शगुन की मिठाई,

पुलिस कार्यालय से शादी करा कर दोनो को किया गया विदा।

कासगंज यूपी के जनपद कासगंज में एक अनोखा मामला सामने आया है।यहां एक जोड़े की शादी किसी मंडप या मंदिर में नहीं बल्कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हुई, खास बात ये है कि ,शादी में पुलिस वाले ही बाराती और घराती दोनों बने. हालांकि, इस दौरान दोनों के परिजन भी मौजूद रहे, लेकिन शादी की सारी जिम्मेदारी पुलिसवालों ने उठायी. वहीं, शादी के बाद थानाध्यक्ष ने प्रेमी युगल से वर-वधु बने जोड़े को आशीर्वाद दिया. इसके साथ ही उन्हें आपसी समझ से गृहस्थी चलाने की हिदायत भी दी।

दरअसल तीन माह पूर्व आगरा में दारोगा भर्ती परीक्षा के दौरान कासगंज के मोहल्ला जय जयराम निवासी सपना और पीएसी में तैनात एक आरक्षी की मुलाकात हुई और यह पहली मुलाकात प्यार में परवान चढ गई।

आपको बता दें कि पीएसी में तैनात आरक्षी का शहर के मोहल्ला जय जय राम की युवती से प्रेम प्रसंग था दोनों ही शादी के पवित्र बंधन में बंधकर एक दूसरे के साथ जिंदगी भर साथ देने का वचन लिया था, परंतु लड़के के परिवार के लोग सहमत नहीं थे लड़की ने इसकी शिकायत परिवार परामर्श केंद्र एवं पुलिस अधीक्षक से की गुरुवार को दोनों पक्ष उपस्थित हुए पुलिस ने परिवार के लोगों को समझाया और पुलिस ऑफिस में ही विवाह की औपचारिकताएं पूरी की गई।पुलिस ऑफिस में दूल्हा बने पीएसी के आरक्षी मुकेश और दुल्हन बनी सपना
पुलिस दफ्तर में वर वधु को परिवार के लोगों ने आशीर्वाद दिया। सपना भी पति मुकेश की तरह पुलिस की सेवा करना चाहती है कि पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही है , मुकेश कुमार वर्ष 2019 में पीएसी में भर्ती हुई थे मुकेश इस समय अलीगढ़ में पीएसी में आरक्षी पद पर तैनात है।

रोहन प्रमोद.बोत्रे , एसपी कासगंज।

पुलिस अधीक्षक रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि पुलिस कार्यालय के निर्देशानुसार महिला थाने में परिवार परामर्श केंद्र का आयोजन किया जाता है।जिसमें बहुत सारी शिकायते परिवार से संबधित आती हैं उसी में से एक यह शिकायत आई थी लड़के के परिजन शादी करने के लिए तैयार नहीं थे जबकि लड़का और लड़की दोनों शादी करने के लिए तैयार थे मेरे द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर समझा-बुझाकर दोनों की शादी करने के लिए राजी कर लिया और उनको परिवार द्वारा आशीर्वाद दिलाया गया व दांपत्य जीवन में एक साथ रहने की हिदायत दी।।।

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