गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गाजियाबाद में चल रही अवैध रूप से डग्गामार बसों पर की गई कड़ी कार्रवाई, 35 बसों को किया सीज

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गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गाजियाबाद में चल रही अवैध रूप से डग्गामार बसों पर की गई कड़ी कार्रवाई, 35 बसों को किया गया सीज

संवादाता: राहुल वशिष्ठ

गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार के निर्देश पर गाजियाबाद में चल रही अवैध रूप से बिना परमिट एवं परमिट नियमों का उल्लंघन करने वाली डग्गेमार बसों को सीज करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, उत्तर प्रदेश सरकार के शासन के आदेशो की अवैहलना करके गाजियाबाद में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में डग्गेमार ओर डबल डेकर बसें सवारियों को जगह-जगह से उठाती हैं

और एक जगह से दूसरी जगह छोड़ती हैं. यह बसे परिवहन निगम द्वारा दिए गए परमिट के नियमों की अवहेलना करती हैं. गाजियाबाद में खालीद,असद, लक्ष्मी लतापद नाम के ठेकेदारों की सैकड़ों बसे परिवहन निगम के द्वारा दिए गए परमिट की अवहेलना करके चलती हैं. यह बसें दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर से लाल कुआं होकर नेशनल हाईवे 24 और दिलशाद गार्डन बॉर्डर से मोहन नगर, हापुड रोड होकर मुरादाबाद बरेली रोड पर एवं कई बसें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों की शक्ल में आनंद विहार गाजीपुर बॉर्डर से होकर लाल कुआं दादरी, अलीगढ़,फर्रुखाबाद तक सेकड़ो की तादाद में जाती हैं.
यह बसें परिवहन विभाग के नियमों की अवहेलना के साथ-साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के राजस्व को भी प्रतिदिन लाखों का नुकसान पहुंचाती हैं, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारी अपनी निगम की बसों में काम ना होने एवं बसों में टायर ना होने के लिए परिवहन विभाग के राजस्व में पैसों की कमी का रोना रोते हैं वहीं दूसरी तरफ खालिद, असद लक्ष्मी एवं लतापद एवं अनेकों अवैध ठेकेदारों की डग्गामार एवं डबल डेकर बसें गाजियाबाद में चलाकर उत्तर प्रदेश रोडवेज परिवहन निगम के विभाग के राजस्व को प्रतिदिन लाखों का चूना लगाते हैं.

ऐसे ही अवैध रूप से चल रही बसों पर गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार के आदेश का पालन करते हुए गाजियाबाद यातायात पुलिस के टी.आई संतोष सिंह चौहान, टी.आई बबलू गुप्ता, टी.एस.आई रामपाल खोकर, अमित कुमार,अमित मलिक, अर्जुन सिंह ने कड़ी कार्यवाही करते हुए ऐसी कई बसों को सीज किया ओर उनके नियमानुसार चालान काटे. गाजियाबाद में 1 दिन में 35 बसों को सीज कर के पुलिस लाइन भेजा गया.अगर ऐसे ही कार्रवाई पुलिस विभाग द्वारा एवं गाजियाबाद के संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा प्रतिदिन की जाए तो उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन के राजस्व को हो रहे लाखों रुपए के नुकसान में काफी कमी आएगी. और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को प्रतिदिन रुपए का फायदा पहुंचेगा ।

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