ग्रामों में हैंडपंप रिबोर के नाम पर बड़े पैमाने पर शासकीय धन का बंदरबांट

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ग्रामों में हैंडपंप रिबोर के नाम पर बड़े पैमाने पर शासकीय धन का बंदरबांट ( इंडिया मार्का हैंडपंप रिबोर बना भ्रष्टाचारियों का कुटीर उद्योग, जमकर हो रहा सरकारी धन का गबन)
अश्वनी गौतम की रिपोर्ट
कर्नलगंज/कटरा बाजार गोंडा। उत्तर प्रदेश में एक तरफ योगी सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की बात करती है तो दूसरी तरफ विकासखंड कटराबाजार के विभिन्न ग्रामपंचायतों में ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव की मिलीभगत से हैंडपंप रिबोर के नाम पर जमकर शासकीय धन का बंदरबांट के मामले सामने आ रहे हैं, वहीं इंडिया मार्का हैंडपंप रिबोर भ्रष्टाचारियों का कुटीर उद्योग बन गया है।जिसकी जानकारी होने के बावजूद उच्चाधिकारी खामोशी की चादर ओढ़ कर भ्रष्टाचारियों को अवैध संरक्षण प्रदान करते हुए मूक सहमति दे रखे हैं। जिससे भ्रष्टाचार को जमकर बढ़ावा मिल रहा है। वहीं वर्तमान समय मे ग्रामनिधि व मनरेगा योजना में लूट मची हुई है जिसकी देखभाल करने वाला कोई नही है। जहां कमीशनखोरी के चलते तमाम सरकारी योजनाओं का बंटाधार हो रहा है। ग्राम पंचायतों में हैंडपंप रिबोर के नाम पर जमकर लूट की जा रही है। ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार की खबरों को कई दैनिक समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित कर उसका खुलासा भी किया लेकिन आज तक किसी भ्रष्टाचारी के विरुद्ध कोई भी कार्यवाही अमल में नही लायी गई है। जिससे भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला ग्राम पंचायत गौरवा कला से जुड़ा है जहां हैंडपंप रिबोर के नाम पर भुगतान तो हो गया परन्तु हैंडपंप का रिबोर नही कराया गया है।दिनांक 17.7.2021 को भगवानदीन के घर पर नल रिबोर के नाम पर 26226 रुपये का भुगतान, कुद्दू के घर के पास नल रिबोर पर 26226 रुपये, ब्रह्मचारी बाबा के स्थान पर हैंडपंप रिबोर के नाम पर 26226 रुपये व राजाराम का हैंडपंप रिबोर के नाम पर 26226 रुपये का भुगतान एन टी ट्रेडर्स को भुगतान किया गया है। जबकि ग्रामीणों ने बताया है कि किसी भी हैंडपंप का रिबोर नही कराया गया है। जो भ्रष्टाचारियों व अधिकारियों की सांठ-गांठ को उजागर कर सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की पोल खोलते निरंकुश कार्यप्रणाली को दर्शा रहा है। जबकि जिम्मेदार आला अधिकारी मूकदर्शक बने हैं।

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