चाइल्ड लाइन ने रोकवाया नाबालिग किशोर-किशोरी का निकाह

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चाइल्ड लाइन ने रोकवाया नाबालिग किशोर-किशोरी का निकाह

Hind24tv रोहित सेठ की रिपोर्ट वाराणसी, 

बजरडीहा क्षेत्र में शुक्रवार को एक किशोरी के निकाह के प्रयास को चाइल्ड लाइन ने विफल कर दिया। तीन दिन पूर्व भी इसी इलाके में चाइल्ड ने एक बाल विवाह होने से रोका था। चार माह के भीतर चाइल्ड लाइन ने यह चौथा बाल विवाह रोकवाया है।
चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नम्बर 1098 पर शुक्रवार को सूचना मिली कि बजरडीहा में नाबालिक किशोरी का बाल विवाह हो रहा है। सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन के निदेशक मजू मैथ्यू ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी निरूपमा सिंह से संपर्क किया। इसके बाद चाइल्ड लाइन व जिला बाल संरक्षण इकाई की एक टीम बजरडीहा पुलिस चौकी से पुलिस को साथ लेकर वहाँ पहुंची। इस टीम में आज़ाद,संतोष,अंकुर, गोविन्द, दीपचंद के अलावा बाल संरक्षण इकार्इ के राजकुमार शामिल थे। टीम जब पुलिस के साथ वहां पहुंची तब वहां निकाह चल रहा था। मेहमान दावत खा रहे थे। पुलिस टीम को साथ देख वहां अफरा-तफरी मच गयी। किशोरी और उसके होने वाले शौहर के परिजनों को बजरडीहा पुलिस चौकी लाकर पूछताछ की गयी तो पता चला कि किशोरी नाबालिग है। इसके साथ ही निकाह रोक दिया गया। किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति की अध्यक्ष स्नेहा उपाध्याय, सदस्य अखिलेश मौर्या व किशोर चन्द्र समक्ष दोनों पक्षों ने निकाह रोकने का लिखित बांड भरा। इसके बाद उनको बच्ची को घर ले जाने की अनुमति दे दी गयी ।
क्या है बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम


किसी भी बालक का विवाह 21 साल एवं बालिका का 18 साल के होने के बाद ही किया जा सकता है। यदि कोई भी व्यक्ति इस निर्धारित उम्र से काम उम्र में शादी करता है तो उसे बाल विवाह करार दिया जायेगा। भले ही वह सहमति से ही क्यों न किया गया हो। सहमति से किया गया बाल विवाह भी कानूनी रूप से वैध नहीं होता। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम -2006 के अंतर्गत बाल विवाह होने पर दो वर्ष की सजा अथवा एक लाख का जुर्माना अथवा दोनों का प्राविधान है।

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