जांच करने पहुँचे संयुक्त निदेशक ने रोजगार सेवक व प्रधान को बताये भ्रष्टाचार के तरीके,वीडियो वायरल ( मनरेगा में घोटाले का है आरोप)

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गोंडा – केंद्र सरकार द्वारा लागू 100 दिन के सुनिश्चित रोजगार हेतु मनरेगा योजना जिले में किस तरह प्रधानों व रोजगार सेवकों की सांठगांठ, सरकारी धन के आपसी बंदरबांट से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती जा रही है। जिसके जीता जागते उदाहरण के तौर पर यह खेल जिले के वजीरगंज विकास खण्ड के ग्रामपंचायत बंधवा से देखा जा सकता है। जहाँ एक प्रधान व रोजगार सेवक ने मिलकर मजदूरों के हक पर डाका डालते हुये सरकार के मंसूबों की धज्जियां उड़ा डालीं।

वहीं दिलचस्प मामला तो यह है कि लगातार हो रही शिकायतों को शासन द्वारा संज्ञान लेने के क्रम में जिले के वजीरगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत बंधवा में मौके पर जांच करने पहुँचे लखनऊ के संयुक्त निदेशक मनरेगा द्वारा वहां दर्जनों मजदूरों की हजिरी पर सिर्फ आठ मजदूरों के कार्य करते मिलने के बावजूद भ्रष्टाचारी प्रधान एवं रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें भ्रष्टाचार करने के तरीके बताए। जिसका वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के वजीरगंज विकास खंड के बंधवा ग्राम सभा में तैनात रोजगार सेवक पर लंबे समय से मनरेगा मजदूरी में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। जिसको शासन द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुये उक्त मामले की चार दिन पूर्व आकस्मिक जांच करने बंधवा पहुँचे मनरेगा के संयुक्त निदेशक ने ग्रामपंचायत में 7 साइडों के मस्टर रोल दिखाये गये जिसमें 256 मनरेगा मजदूरों की जगह सिर्फ एक साइड चारागाह की जमीन पर मिट्टी की खुदाई कर खंदक लगाने के कार्य में लगे 8 मजदूर ही मौजूद मिले।

मौके पर जांच टीम के साथ गये खंड विकास अधिकारी व सहायक कार्यक्रम अधिकारी की मौजूदगी में संयुक्त निदेशक द्वारा प्रधान जितेन्द्र शर्मा व रोजगार सेवक पवन कुमार वर्मा पर कार्यवाही करने के बजाय उल्टे उन्हें भ्रष्टाचार के ही तरीके बताते हुए नजर आये कि यदि मजदूर नहीं हैं तो कहीं से ज्यादा लोगों का इंतजाम कर साइड पर ले आओ चाहे वह काम करें या न करें,और बस उनकी फोटो लेकर भेज दो जिससे यह बवाल खत्म हो जाये।

बहरहाल जब उच्चाधिकारियों द्वारा जांच में भ्रष्टाचार मिलने के बावजूद कार्यवाही के बजाय अधीनस्थों को भ्रष्टाचार की बारीकियां सिखाई जायेंगी तो भ्रष्टाचार तो बढ़ेगा ही। वहीं

इस संबंध में जब जिम्मेदारों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वह ज़बाब देने से बचते हुए कन्नी काटते नजर आये।

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