मन की बात में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- मुझे सत्ता में रहने का आशीर्वाद मत दीजिए, मैं हमेशा सेवा में जुटा रहना चाहता हूं,कोरोना-प्रकृति को लेकर किया सतर्क।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के 83वें एपिसोड में देश को संबोधित किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने जहां आजादी के अमृत महोत्सव की बात की, तो वहीं ऑस्ट्रेलिया में बनी वृंदावन गैलरी का भी जिक्र किया. इस दौरान मोदी ने सरकारी योजनाओं का फायदा लेने वाले लोगों से भी बात की. आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले राजेश कुमार ने जब मोदी को सत्ता में बने रहने का आशीर्वाद दिया, तो PM ने कहा- मुझे सत्ता में रहने का आशीर्वाद मत दीजिए, मैं हमेशा सेवा में जुटे रहना चाहता हूं।

वाराणसी से अमित गुप्ता की रिपोर्ट

अपने संबोधन के शुरुआत में उन्होंने कहा 2 दिन बाद दिसंबर शुरू हो रहा है. दिसंबर आते ही हम नए साल के लिए ताना-बाना बुनना शुरू कर देते हैं. मैं इन सभी अवसरों पर देश के सुरक्षाबलों का स्मरण करता हूं. हमेशा की तरह इस बार भी मुझे नमो ऐप पर आप सबके ढेर सारे सुझाव मिले हैं. आप सबने मुझे अपना मानते हुए सुख-दुख भी साझा किए हैं. मुझे खुशी है कि मन की बात से आप सब मन से तो जुड़ ही रहे हैं, इससे सकारात्मकता भी फैल रही है।

अमृत महोत्सव, सीखने के साथ ही हमें देश के लिए कुछ करने की भी प्रेरणा देता है. अब तो देश-भर में आम लोग हों या सरकारें, पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक अमृत महोत्सव की गूंज है. इससे जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला चल रहा है. सीतापुर के एक नागरिक ने मुझे लिखा है कि उन्हें अमृत महोत्सव से जुड़ी खबरें खूब पसंद आ रही हैं. यह मौका हमें देश के लिए कुछ सीखने का भी मौका देता है. ऐसा ही एक रोचक प्रोग्राम पिछले दिनों दिल्ली में हुआ. कार्यक्रम में बच्चों ने स्वाधीनता संग्राम से जुड़ी कहानियों को पूरे जोश से प्रस्तुत किया।

आजादी में जनजातीय समुदाय के योगदान को देखते हुए देश ने जनजातीय गौरव सप्ताह भी मनाया है. देश के अलग-अलग हिस्सों में इससे जुड़े कार्यक्रम भी हुए. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में जारवा और ओंगे जैसे जनजातीय समुदायों के लोगों ने अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया।

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक जगह है पर्थ, जो क्रिकेट के लिए प्रसिद्ध है. वहां सेक्रेड इंडिया गैलरी है. यह ऑस्ट्रेलिया की निवासी जगततारिणी जी की कोशिशों का नतीजा है. उनका जन्म वहीं हुआ, लेकिन 13 साल वृंदावन में रहीं. उनका कहना है कि लौटने के बाद भी वे वृंदावन को भूल नहीं पाईं. इसलिए उन्होंने वहीं एक वृंदावन खड़ा कर दिया. यहां आने वाले लोगों को भारत के तीर्थ और संस्कृति देखने को मिलती है. एक कलाकृति ऐसी भी है, जिसमें भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा रखा है. उनकी कृष्ण भक्ति के लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

जब हम प्रकृति का संरक्षण करते हैं, तो प्रकृति भी हमें संरक्षण देती है. यह उदाहरण तमिलनाडु के तूतूकुड़ी का है. यहां कई इलाकों के समुद्र में डूबने का खतरा था. लोगों ने इसका इलाज प्रकृति से ही खोजा. लोगों ने वहां पर खास तरह के पौधे लगाए, जो तूफान और पानी में भी बचे रहते हैं. ऐसी ही कोशिशें दूसरी जगह भी हो रही हैं।

इससे पहले अक्टूबर में प्रधानमंत्री ने देश को 100 करोड़ वैक्सीनेशन पर बधाई दी थी. मन की बात के पिछले एपिसोड में PM ने आजादी के आंदोलन को याद करने, बिरसा मुंडा की तरह अपनी जड़ों से जुड़ने और तकनीक का इस्तेमाल कर आगे बढ़ने पर जोर दिया था।

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