मेडिकल नीट के बिना भी कर सकते हैं मेडिकल की पढ़ाई, 12वीं के बाद ये हैं ऑप्शंस

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नीट के बिना भी आप मेडिकल फील्ड की पढ़ाई कर सकते हैं। क्लास 12 के बाद कई ऐसे मेडिकल कोर्सेज़ हैं, जिनके लिए नीट की जरूरत नहीं होती है। इस आर्टिकल में ऐसे कुछ कोर्सेज़ के बारे में बताया गया है।

 Career Options after 12th: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट ) देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है। इस साल नीट 2022  (नीट  2021) का आयोजन 01 अगस्त को होना निर्धारित है। हालांकि अगर परिस्थितियां जल्द नहीं संभलीं, तो इसकी तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है। एमबीबीएस (ऍम बी  बी एस ) और बीडीएस (बी डी सी ) कोर्सेज़ में एडमिशन के लिए हर साल 15 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स इस परीक्षा में शामिल होते हैं। इनमें से करीब 4०  फीसदी ही नीट क्वालिफाई कर पाते हैं।जाहिर है नीट देने वाले ये लाखों स्टूडेंट्स मेडिकल और हेल्थ केयर के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। लेकिन अगर आप नीट क्वालिफाई नहीं कर पाये, तो हताश न हों। ऐसे कई कोर्सेज़ हैं जिनके जरिये आप हेल्थ केयर के क्षेत्र में बेहतरीन करियर  बना सकते हैं। इनके लिए नीट की भी जरूरत नहीं होती। ऐसे कुछ कोर्सेज़ की जानकारी आगे दी जा रही है-इसे आमतौर पर बीफार्मा  भी कहा जाता है। इसमें दवाओं की पढ़ाई कराई जाती है। दवाएं बनाने की तकनीक सिखाई जाती है। भारत समेत कई देशों में ( फार्मासिस्ट )  बनने के लिए यह डिग्री जरूरी है।

इसके जरिये आप फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री, हर्बल इंडस्ट्री, कॉस्मेटिक्स इंडस्ट्री या क्लिनिकल रिसर्च के क्षेत्र में लाजवाब करियर बना सकते हैं। इसके अलावा सरकारी विभागों में भी प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, आदि के लिए नौकरियां निकलती हैं। कई यूनिवर्सिटीज, इंस्टीट्यूट्स अलग एंट्रेंस एग्जाम्स के जरिए इस कोर्स में एडमिशन देते हैं। नीट कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (अन टी ए ) भी फार्मेसी के लिए नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम कराती है।बीटेक इन (बायोमेडिकल इंजीनियरिंग )। यह चार साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है। साइंस से 12वीं का कोई अन्य समतुल्य डिग्री प्राप्त करने के बाद इसमें एडमिशन ले सकते हैं। इसके बाद आपके लिए बतौर बायोमेडिकल टेक्नीशियन, बायोमेडिकल इंजीनियर और बायोकेमिस्ट के तौर पर काम करने का रास्ता खुलता है।

यह तीन साल का यूजी कोर्स है जिसमें आपको डायट और न्यूट्रिशनल वैल्यू के विज्ञान व सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाता है। न्यूट्रिशन एंड डायटिक्स में बीएससी करने के बाद आप अस्पतालों, हेल्थ क्लीनिक्स, हेल्थ सेंटर्स या maltinesonl कंपनियों में बतौर डायटीशियन या न्यूट्रीशनिस्ट काम कर सकते हैं। सैलरी भी अच्छी मिलती है।

बीए साइकोलॉजी (BA Psychology)

हेल्थ केयर में जाने के लिए अन्य मेडिकल कोर्सेज़ की तरह इसके लिए 12th में साइंस की अनिवार्यता नहीं है। आर्ट्स या कॉमर्स के स्टूडेंट्स भी साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन कर सकते हैं। इसके बाद आप हेल्थ या मेंटल केयर काउंसलर, कंसल्टेंट के तौर पर काम कर सकते हैं। या फिर क्रिमिनल जस्टिस या सोशल वर्क के क्षेत्र में करियर बना सकते हैं।

बीएससी फीजियोथेरेपी (BSc Physiotherapy)

यह तीन साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है। इसे पूरा करने के बाद आपके पास बतौर लेक्चरर, फीजियोथेरेपिस्ट, रिसर्चर, रिसर्च असिस्टेंट, स्पोर्ट्स फीजियो रिहैबिलिटेटर, थेरेपी मैनेजर समेत कई क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलता है। आप किसी अस्पताल के साथ जुड़कर या निजी क्लीनिक में भी काम कर सकते हैं।

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