यूपी में पैसों की बरसात और नौकरियों के मौके, जानिए किस उद्योगपति ने किया क्या ऐलान

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यूपी में पैसों की बरसात और नौकरियों के मौके, जानिए किस उद्योगपति ने किया क्या ऐलान

उत्तर प्रदेश में निवेश की बहार आ गई है. लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) थ्री के दौरान गौतम अडानी, कुमारमंगलम बिड़ला, निरंजन हीरा नंदानी समेत कई उद्योगपतियों ने ऐलान किया है कि वह यूपी में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं. आइए जानते हैं किस उद्योगपति ने क्या ऐलान किया है-

शुरुआत अडानी ग्रुप से करते हैं. अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने ऐलान किया कि वे यूपी में आने वाले समय में 70000 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट करेंगे. इतना ही नहीं इस इंवेस्टमेंट से करीब 30000 लोगों को नौकरियां मिलेंगी. इस मौके पर गौतम अडानी ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे दो महान नेताओ (पीएम मोदी, सीएम योगी) के साथ मिलने का मौका मिला जो भारत को नया भारत बनाने के लिए सतत प्रयासरत हैं.

इसके बाद आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने ऐलान किया कि हम प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर रहे हैं, जिसमें करीब 35 हजार लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश आज सबसे महत्त्वपूर्ण निवेश का डेस्टिनेशन बन चुका है, उत्तरप्रदेश ने निवेश के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है. निवेश मित्र के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम लागू होने से निवेश के लिए बहुत सहायता मिली.

हीरानंदानी ग्रुप के एमडी निरंजन हीरानंदानी ने ऐलान किया कि हम अपने डेटा सेंटर को लेकर हम यूपी में हर साल एक हजार करोड़ रुपये का निवेश करेंगे. उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश बुलेट ट्रेन की रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है, स्पीड ऑफ बिजनेस बहुत तेज है., कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में मैं 40 वर्षों से हूं, लेकिन इतना बदलाव मैंने कभी नही देखा.

फ्रांस के उद्योगपति मैथ्यू एरिस ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश में काम कर के बेहद उत्साहित हैं, हम तेजी से अपने प्रोजेक्ट में निवेश बढ़ा रहे हैं. हम उत्तर प्रदेश में अपनी ऑक्सीजन सप्लाई की पांचवीं यूनिट लगा रहे हैं, जिसके लिए 350 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं. इस यूनिट को हम मथुरा में लगाएंगे और पूरे उत्तर भारत में सप्लाई करेंगे. यह 2023 तक पूरा हो जाएगा.

*जीबीसी थ्री में 80 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे-*

– डेटा सेंटर के 19,928 करोड़ के सात
– कृषि और उससे संबंधित उद्योग के 11,297 करोड़ के 275
– आईटी और इलेक्ट्रानिक के 7,876 करोड़ के 26
– इंफ्रास्ट्रक्चर के 6,632 करोड़ के 13 प्रोजेक्ट
– मैन्यूफैक्चरिंग के 6,227 करोड़ के 27
– हैंडलूम और टेक्सटाइल के 5,642 करोड़ के 46
– अक्षय ऊर्जा के 4,782 करोड़ के 23
– एमएसएमई के 4,459 करोड़ के 805
– हाउसिंग और व्यवसायिक के 4,344 करोड़ के 19
– हेल्थ केयर के 2,205 करोड़ के आठ
– डिफेंस के 1,774 करोड़ के 23
– वेयर हाउसिंग और लाजिस्टिक के 1,295 करोड़ के 26
– एजूकेशन के 1183 करोड़ के छह
– फार्मा और मेडिकल सप्लाई के 1088 करोड़ के 65
– टूरिज्म और हॉस्पिटलिटी के 680 करोड़ के 23
– डेयरी के 489 करोड़ के सात
– पशुपालन के 224 करोड़ के छह
– सौ करोड़ की लागत से फिल्म का एक प्रोजेक्ट

*इन जिलों में लग रहे हैं MSME प्रोजेक्ट*

जीबीसी थ्री में प्रदेश में एमएसएमई के 4459 करोड़ के प्रोजेक्ट लग रहे हैं. इनमें प्रमुख रुप से आगरा में दो, अलीगढ़ में तीन, अमेठी में दो, अयोध्या में एक, बाराबंकी में सात, बरेली में दो, चंदौली में एक, इटावा में एक, फतेहपुर में दो, फिरोजाबाद में एक, गौतमबुद्धनगर में 40, गाजियाबाद में छह, गोरखपुर में छह, हरदोई में चार, हाथरस में एक, जौनपुर में एक, कानपुर देहात में चार, कानपुर नगर में चार, लखीमपुर खीरी में एक, लखनऊ में आठ, मथुरा में 15, मेरठ में एक, मुरादाबाद में एक, प्रयागराज में एक, सहारनपुर में एक, शाहजहांपुर में एक, सीतापुर में एक और वाराणसी में दो सहित अन्य स्थानों पर प्रोजेक्ट लग रहे हैं.

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