आधी रात कुएँ में गिरी नीलगाय, समय रहते रेस्क्यू कर बचाई गई जान
सामाजिक संगठनों, फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी
जौनपुर।
रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा सकरा में बीती रात मानवता और संवेदनशीलता की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली, जब अंधेरे में एक नीलगाय कुएँ में गिर गई और घंटों तक जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष करती रही। सुबह होते ही ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद तत्काल बचाव कार्य शुरू कराया गया।

ग्रामीणों ने सबसे पहले पत्रकार जय सिंह को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही जय सिंह बिना विलंब किए मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। उनकी तत्परता के चलते कुछ ही समय में संबंधित टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं।
उल्लेखनीय है कि पत्रकार जय सिंह न केवल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। वे समय-समय पर गरीब, असहाय एवं जरूरतमंदों की मदद कर समाज में सकारात्मक भूमिका निभाते रहे हैं। इसी सामाजिक दायित्व के तहत उन्होंने इस घटना में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
सूचना पाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सह शारीरिक प्रमुख विवेक मिश्रा (रिंकू), विश्व हिंदू परिषद–बजरंग दल के अध्यक्ष राहुल दुबे, सहसंयोजक दीपक तिवारी, उपाध्यक्ष प्रियांशु दीक्षित सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की टीम के सहयोग से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
रेस्क्यू के दौरान पशु चिकित्सक संदीप पूरे समय मौके पर मौजूद रहे और नीलगाय की स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यक मार्गदर्शन देते रहे। कड़ी मशक्कत, धैर्य और ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से कुएँ में गिरी नीलगाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय पर राहत मिलने से बेजुबान पशु की जान बच गई।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि
“गौसेवा और जीव सेवा केवल हमारा दायित्व नहीं, बल्कि हमारे संस्कार हैं। संकट में फंसे हर प्राणी की रक्षा के लिए हम सदैव तत्पर रहेंगे।”
घटना के बाद क्षेत्रीय नागरिकों ने सामाजिक संगठनों, पशु चिकित्सक, फायर ब्रिगेड की टीम और पत्रकार जय सिंह की संवेदनशीलता एवं तत्परता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। लोगों ने इस पूरे प्रयास को मानवता और सामूहिक सहयोग की सच्ची मिसाल बताया।
यह घटना न केवल जीवों के प्रति करुणा का संदेश देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समय पर की गई पहल और सामूहिक प्रयास से किसी भी संकट का समाधान संभव है।



