उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद द्वारा आयोजित शोकसभा में दी गई पं. राम लखन पांडे को भावभीनी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद द्वारा आयोजित शोकसभा में दी गई पं. राम लखन पांडे को भावभीनी श्रद्धांजलि
स्थान: राजा श्रीकृष्णदत्त इंटर कॉलेज, जौनपुर
उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत में एक अपूरणीय क्षति के रूप में पूर्व प्रधानाचार्य एवं उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक पं. श्री राम लखन पांडे के निधन पर जौनपुर में गहरी शोक की लहर दौड़ गई। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद, जौनपुर इकाई द्वारा एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन स्थानीय राजा श्री कृष्णदत्त इंटर कॉलेज के सभागार में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत
सभा की शुरुआत दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सार्वजनिक मौन वंदना से की गई, जिसके पश्चात प्रधानाचार्य परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पं. राम लखन पांडे जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सभा की अध्यक्षता एवं विचार व्यक्त
सभा की अध्यक्षता कर रहे डॉ. संजय चौबे (अध्यक्ष, प्रधानाचार्य परिषद जौनपुर) ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा:
“पांडे जी न केवल एक योग्य शिक्षक थे, बल्कि वे एक सच्चे मार्गदर्शक, अनुशासनप्रिय नेता और शिक्षकों के अधिकारों के सजग प्रहरी भी थे। उनका व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत रहेगा।”
उपस्थित प्रमुख सदस्य
इस अवसर पर परिषद के कई सम्मानित पदाधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे:
- श्री रविंद्र नाथ शर्मा (महामंत्री, परिषद)
- डॉ. अरविंद कुमार
- डॉ. दिनेश यादव
- डॉ. देवेंद्र नाथ पांडे
- डॉ. शंकराचार्य तिवारी
इन सभी वक्ताओं ने पंडित पांडे जी के शिक्षकीय जीवन, नैतिक मूल्यों, अनुशासन और समाजसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि पांडे जी ने शिक्षा के क्षेत्र में जो आदर्श स्थापित किए हैं, वे आने वाली पीढ़ियों को भी मार्गदर्शन देते रहेंगे।
विद्यालय परिवार की श्रद्धांजलि
विद्यालय के शिक्षकगण, जिनमें अशोक तिवारी, अंजनी श्रीवास्तव, प्रेमचंद, रमेश चंद्र, संजय सिंह, राजमणि, सत्य प्रकाश सिंह, आनंद तिवारी, सूरज कुमार आदि शामिल थे, सभी ने भावुक होकर पांडे जी को याद किया। शिक्षकों ने कहा कि वे अपने अनुभवों से बच्चों को बेहतर इंसान बनाना सिखाते थे।
पंडित श्री राम लखन पांडे जी का जीवन परिचय (संक्षेप में)
- लंबे समय तक सरस्वती बाल विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य रहे
- शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन, संस्कार और समर्पण के प्रतीक माने जाते थे
- उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के सक्रिय संरक्षक के रूप में वर्षों तक सेवा दी
- शिक्षकों के हित में उन्होंने कई आंदोलन और संवाद कार्यक्रमों का नेतृत्व किया
- हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा और जीवन मूल्यों की प्रेरणा दी
मौन श्रद्धांजलि एवं समापन
कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित शिक्षकों एवं पदाधिकारियों द्वारा दो मिनट का मौन रखकर और दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना के साथ किया गया। सभा में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि पंडित श्री राम लखन पांडे जी की स्मृति में भविष्य में एक स्मृति व्याख्यान श्रृंखला या शैक्षिक पुरस्कार आरंभ किया जाएगा।