भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने पार्टी नेताओं व अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

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भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने पार्टी नेताओं व अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
बरसठी (जौनपुर), निशांत सिंह।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला उपाध्यक्ष शिव बहादुर यादव ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान अपनी ही सरकार और पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिले में तैनात प्रशासनिक अधिकारी निरंकुश हो चुके हैं और जनता तथा कार्यकर्ताओं से कोई संवाद स्थापित नहीं कर रहे। इतना ही नहीं, कुछ वरिष्ठ भाजपा नेता विपक्षी दलों से मिलकर पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं को फंसाने की साजिश रच रहे हैं।
शिव बहादुर यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ चुका है कि अब अधिकारी जनता की समस्याएं सुनना तो दूर, उन्हें नजरअंदाज करने लगे हैं। उन्होंने कहा, “मैं स्वयं कई घटनाओं का प्रत्यक्ष गवाह हूं, जहां अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया और जनता को परेशान किया। इससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।”
पार्टी के ही लोग कार्यकर्ताओं को कर रहे निशाना
शिव बहादुर यादव ने कुछ भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के उच्च पदों पर बैठे कुछ लोग विपक्षी दलों के नेताओं से साठगांठ कर पार्टी कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे लोगों पर जल्द लगाम नहीं लगाई गई तो इससे पार्टी की नींव कमजोर हो सकती है।
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा के अंदर ही कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं जो न केवल कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर रहे हैं, बल्कि उनकी मेहनत को कुचलने की साजिश में लगे हैं,” यादव ने कहा।
भाजपा सरकार पर जताया भरोसा, विपक्ष के आरोपों को बताया झूठा
हालांकि शिव बहादुर यादव ने भाजपा सरकार की पिछड़ा वर्ग के प्रति नीतियों का समर्थन किया और कहा कि पार्टी ने हमेशा पिछड़े वर्गों को सम्मान और जिम्मेदारी दी है। यादव ने स्वयं को उदाहरण बताते हुए कहा कि वे 15 वर्षों से पार्टी और संघ से जुड़े हैं और उन्हें जिला उपाध्यक्ष जैसे पद तक पहुंचने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा, “विपक्ष यह दुष्प्रचार कर रहा है कि भाजपा सरकार पिछड़ों की उपेक्षा करती है, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा ने हर वर्ग को समान अवसर दिया है। यह एक सोची-समझी साजिश है, जिसे मैं सिरे से नकारता हूं।”
पार्टी नेतृत्व से की कार्रवाई की मांग
जिला उपाध्यक्ष ने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि ऐसे वरिष्ठ नेताओं की जांच की जाए जो विपक्षी ताकतों के साथ मिलकर पार्टी के भीतर भ्रम और असंतोष फैला रहे हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की कि वे जनता से सीधे जुड़ें, संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करें और भ्रष्टाचार से दूर रहें।
उन्होंने कहा, “अगर समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आमजन का पार्टी पर से भरोसा उठता जाएगा। प्रशासनिक मनमानी और भीतरघात पार्टी को कमजोर कर रहे हैं।”
संक्षेप में मुख्य बिंदु:
- अधिकारियों पर निरंकुशता और भ्रष्टाचार के आरोप
- भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर विपक्ष से साठगांठ का दावा
- कार्यकर्ताओं को फंसाने की साजिश का आरोप
- पिछड़े वर्गों के सम्मान को लेकर भाजपा सरकार का समर्थन
- पार्टी नेतृत्व से कार्रवाई और अधिकारियों से जवाबदेही की मांग