यूपी पंचायत चुनाव 2025: आज से शुरू हुआ मतदाता पुनरीक्षण अभियान, जानिए किसे मिली जिम्मेदारी

यूपी पंचायत चुनाव 2025: आज से शुरू हुआ मतदाता पुनरीक्षण अभियान, जानिए किसे मिली जिम्मेदारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी कड़ी में 19 अगस्त, मंगलवार से राज्य भर में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हो गई है। इस अभियान के तहत बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन सतर्क
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिलों में प्रशासन ने कमर कस ली है। मतदाता पुनरीक्षण कार्य को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए तहसीलदार, एसडीएम (उप जिलाधिकारी) और एडीएम (अपर जिलाधिकारी) को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अभियान में क्या होगा?
- बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे।
- नए मतदाताओं के नाम जोड़ना, पुराने या मृत लोगों के नाम हटाना, और गलत जानकारी को सही करना इस प्रक्रिया का हिस्सा होगा।
- पात्र नागरिक जो अब तक सूची में नहीं हैं, उन्हें दस्तावेजों के आधार पर शामिल किया जाएगा।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
मतदाता सूची की शुद्धता किसी भी चुनाव की पारदर्शिता की नींव होती है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्येक योग्य मतदाता को मतदान का अधिकार दिलाने के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मतदाता क्या कर सकते हैं?
- अगर आपके नाम में कोई गलती है, पता बदल गया है या नाम ही नहीं जुड़ा है, तो आप बीएलओ से संपर्क करें।
- आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्मतिथि प्रमाण जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे।
निष्कर्ष
पंचायत चुनाव केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्राम स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने का आधार हैं। ऐसे में मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना बेहद जरूरी है। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर पात्र मतदाता को उसका अधिकार मिले और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से संपन्न हो।
🔔 ध्यान दें: मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए आप अपने क्षेत्र के बीएलओ या तहसील कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।