शहीद शिवा गौतम: दूसरों की जान बचाकर खुद जान गंवाने वाले मसीहा को नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

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शहीद शिवा गौतम: दूसरों की जान बचाकर खुद जान गंवाने वाले मसीहा को नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री आवास, पेंशन, राशन कार्ड सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा परिवार को — प्रशासनिक अमला दिनभर डटा रहा गांव में
सिकरारा (जौनपुर)।
मछलीशहर पड़ाव पर बीते सोमवार शाम को जो हादसा हुआ, उसने न केवल एक परिवार बल्कि पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। करंट की चपेट में आए युवक-युवतियों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह न करते हुए नाले में कूदने वाले ई-रिक्शा चालक शिवा गौतम (30 वर्ष) ने जो बहादुरी दिखाई, वह समाज के लिए मिसाल बन गई। अपनी जान देकर दूसरों की जान बचाने वाले इस जांबाज़ को लोग अब “जौनपुर का रियल हीरो” कहने लगे हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कुल्हनमऊ गांव निवासी शिवा गौतम चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। वह ई-रिक्शा चलाकर अपने बूढ़े मां-बाप, पत्नी और दो मासूम बच्चों की आजीविका चला रहा था। उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार की रीढ़ तोड़ दी है। घर में अब 2 साल का बेटा शिवम और सिर्फ एक माह का शिशु प्रिंसू अपनी मां की गोद में बेसुध पड़े हैं। पत्नी प्रियंका गौतम का रो-रोकर बुरा हाल है।
गुरुवार को गांव में पहुंचा प्रशासनिक अमला
शिवा की इस वीरता और परिवार की दुखद स्थिति को देखते हुए गुरुवार को पूरा प्रशासनिक अमला गांव में डेरा डाले रहा। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) पवन कुमार प्रजापति, एडीओ (आईएसबी) कृष्णकुमार मिश्रा, ग्राम सचिव प्रदीपशंकर श्रीवास्तव, और समाज कल्याण विभाग की शशिबाला ने मौके पर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया और सरकारी योजनाओं के तहत सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी।
मुख्यमंत्री आवास योजना में हुआ ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन
प्रशासन ने मौके पर ही मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रियंका गौतम का ऑनलाइन पंजीकरण करवाया। इसके अलावा उन्हें अन्त्योदय राशन कार्ड, विधवा पेंशन, और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू कर दी गई है।
पहले से मिला था एक आवास, अब बहू को मिलेगा अलग घर
शिवा के पिता जमुना गौतम पहले से मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थी हैं, लेकिन अब बहू प्रियंका को भी अलग से आवास योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया है, ताकि बच्चों और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
गांव में पसरा मातम, मां की हालत नाज़ुक
शिवा की मां सावित्री देवी बेटे की मौत से बेसुध हैं। हर कोई इस अप्रत्याशित और दर्दनाक हादसे को ईश्वर की क्रूर लीला मानकर स्तब्ध है। गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और लोग शिवा की बहादुरी को नमन कर रहे हैं।
प्रशासन का भरोसा: ‘हर संभव मदद दी जाएगी’
बीडीओ पवन कुमार प्रजापति ने बताया कि “शिवा ने असाधारण साहस का परिचय दिया है। प्रशासन उनके परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगा। सभी जरूरी योजनाओं में प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिलाया जाएगा।”
साथ ही यह भी कहा गया कि ज़रूरत पड़ी तो शासन से विशेष सहायता की संस्तुति भी भेजी जाएगी।
शिवा की शहादत को सलाम
शिवा गौतम की बहादुरी को जौनपुर कभी नहीं भूलेगा। एक ऐसा आम आदमी जो दूसरों की जान बचाने के लिए खुद जान पर खेल गया — उसका यह बलिदान समाज के लिए प्रेरणा है। अब जरूरत है कि उसकी पत्नी और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सरकार और समाज मिलकर सुनिश्चित करे।