उत्तर प्रदेश – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी की तुलना महाभारत के पात्रों से की!/Uttar Pradesh – Uttar Pradesh Chief Minister Yogi compares Samajwadi Party with characters from Mahabharata!

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The Uttar Pradesh Chief Minister, Shri Yogi Adityanath meeting the President, Shri Ram Nath Kovind, at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on February 10, 2018.

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर एक खास जाति के प्रति पक्षपाती होने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जाति और धन के नाम पर भर्ती प्रक्रिया से समझौता किया जाता है, तो राज्य को इसके और भी बुरे परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

उन्होंने समाजवादी पार्टी की तुलना महाभारत के पात्रों से करते हुए कहा कि जिस प्रकार ‘काका-मामा-नाना’ ने महाभारत के दौरान भारत की प्रगति को पूरी तरह से रोक दिया, उसी तरह यह परिवार (समाजवादी पार्टी) राज्य की प्रगति में बाधक बना रहा।

भर्तियों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को अतीत की बात बताते हुए उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान, योग्यता को देखे बिना जाति और धन के आधार पर भर्ती की जाती थी। जातिवाद-नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद देखा जाता था। जब सपा शासन में डिप्टी कलेक्टर का परिणाम घोषित हुआ, तो 86 में से 56 लोगों के नाम एक ही जाति विशेष के थे।”

मुख्यमंत्री यहां ‘सुझाव आपका, संकल्प हमारा’ कार्यक्रम के तहत ‘आकांक्षा पेटी’ का शुभारंभ करने के लिए यहां एक समारोह में बोल रहे थे।

साल 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा राज्य के गांव और शहरी इलाकों में 30 हजार जगहों पर ‘आकांक्षा पेटी’ रखेगी।

योगी आदित्यनाथ ने तत्कालीन समाजवादी सरकार पर हमले को तेज करते हुए कहा, “2012 से 2017 के बीच यूपी में सरकारी पदों पर नियुक्तियों को एक परिवार के सदस्यों के बीच वितरित किया गया था। एक नियुक्ति प्रक्रिया एक चाचा द्वारा देखी गई थी और दूसरी भतीजा, मामा या नाना द्वारा आवंटित की गई थी।”

उन्होंने कहा, “2017 से पहले लोग उत्तर प्रदेश पर उंगलियां उठाते थे, लेकिन आज भाजपा के शासन में उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से बदलाव आया है और देश और दुनियाभर में इसकी धारणा बदल गई है।”

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार का कभी भी विकास का एजेंडा नहीं रहा, 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में दो एक्सप्रेस-वे थे। किसी भी शहर में मेट्रो नहीं थी। आज राज्य ने कई हाईवे और एक्सप्रेस-वे बनाए हैं।

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