- सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का चल रहा आयोजन –—
रिपोर्ट-मनोज कुमार सिंह
जलालपुर —-क्षेत्र के मझगवाखुर्द में सुधाकर दुबे के पैतृक आवास पर चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ में राज राजेश्वरी शक्ति पीठ प्रयागराज से पधारे डॉ.श्रीनिवासाचार्य मानस मनीषी महाराज ने तृतीय दिवस की कथा में बंधन आत्मा एवं शरीर को रेखांकित करते हुए बताया कि भगवान कपिल एवं माता देवहूति के संवाद मे माता देवहूति ने भगवान कपिल जी से पूछा कि बंधन आत्मा का या शरीर का अथवा मन का होता हैं इसपर कपिल भगवान ने कहा कि बंधन ना शरीर का होता है न आत्मा का होता है बल्कि बंधन मन का होता है। इसलिए मन को नियंत्रित करने के लिए संतो के शरण में जाए।। माता ने पूछा कि बेटा इंद्रिया बहुत परेशान करती हैं इसपर उन्होने बताया कि इन्द्रियों को भगवान के तरफ मोड़ दें। जिससे जीव सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर भगवत शरण में लीन हो जायेगा। इस अवसर पर राजकुमार तिवारी, अनिल कुमार साजन तिवारी आचार्यगण मुख्य यजमान लालपद्माकर दुबे साधना दुबे, डॉ प्रभाकर दुबे, दिवाकर दुबे सुरेंद्र दुबे धीरेंद्र दुबे लाल रत्नाकर मोनू राज दुबे बंशगोपाल सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख अखिलेश मिश्र, रत्नाकर सिंह, सुनील वर्मा सुरेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।

