पॉक्सो एक्ट के तहत 15 वर्षीय नाबालिग गिरफ्तार, भेजा गया किशोर न्यायालय

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पॉक्सो एक्ट के तहत 15 वर्षीय नाबालिग गिरफ्तार, भेजा गया किशोर न्यायालय

मीरगंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई, क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर भेजा सख्त संदेश
रिपोर्ट – Hind24tv, जौनपुर

जौनपुर: जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के गोधना गाँव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 15 वर्षीय नाबालिग के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किशोर न्यायालय (Juvenile Justice Board) भेज दिया गया है।

गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम

गोधना गाँव निवासी किशोर गौरव सोनी उर्फ आदित्य के खिलाफ पहले से ही पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज था। जैसे ही पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में पुख्ता जानकारी मिली, मीरगंज थानाध्यक्ष विनोद कुमार अंचल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरुवार सुबह करीब 7 बजे दबिश देकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तारी के बाद उसे थाने लाया गया, जहां प्रारंभिक पूछताछ के बाद सभी औपचारिकताओं को पूरा कर किशोर न्यायालय भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने संवेदनशीलता और कानूनसम्मत रवैया अपनाया।

क्या है पॉक्सो एक्ट?

2012 में पारित “पॉक्सो एक्ट” यानी Protection of Children from Sexual Offences Act एक विशेष कानून है, जो 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ यौन अपराधों की रोकथाम और उनके विरुद्ध हो रहे अपराधों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करता है। इस कानून के तहत किसी भी प्रकार के यौन शोषण, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार को गंभीर अपराध माना जाता है, चाहे आरोपी बालिग हो या नाबालिग।

किशोर अपराध: एक गंभीर सामाजिक चिंता

इस मामले ने एक बार फिर समाज में बढ़ते किशोर अपराधों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट की सहज उपलब्धता, पारिवारिक संवाद की कमी, और फिल्मों व सोशल मीडिया से आने वाले प्रभाव ने किशोरों में अपराध की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है।

इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि चाहे आरोपी नाबालिग ही क्यों न हो, यदि अपराध गंभीर प्रकृति का है, तो कानून का शिकंजा ढीला नहीं पड़ेगा। साथ ही, यह भी आवश्यक हो गया है कि समाज, परिवार और स्कूल मिलकर बच्चों के नैतिक और मानसिक विकास की ज़िम्मेदारी को समझें।

पुलिस की चेतावनी और अपील

मीरगंज पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह नाबालिग ही क्यों न हो। थानाध्यक्ष विनोद कुमार अंचल ने कहा:

“पुलिस की प्राथमिकता है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे। यदि कोई भी व्यक्ति, बालिग हो या नाबालिग, कानून का उल्लंघन करता है तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में समाज की भी भूमिका बेहद अहम है।”


निष्कर्ष:

यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि समाज के सामने एक चेतावनी भी है कि बच्चों के साथ संवाद और मार्गदर्शन की अत्यधिक आवश्यकता है। सिर्फ सज़ा ही नहीं, बल्कि समाधान और सुधार की ओर बढ़ने का समय है।


 

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