तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अधिवक्ताओं की हंगामी बैठक

तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अधिवक्ताओं की हंगामी बैठक
सोमवार को अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल मिलेगा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से
यदि सहमति नहीं बनी तो अगली रणनीति पर होगा विचार
📍 मछलीशहर, Hind24tv
तहसील परिसर में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ता संघ की एक आवश्यक एवं हंगामी बैठक अधिवक्ता भवन में आयोजित की गई। यह बैठक संघ अध्यक्ष हुबेदार पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आगामी सोमवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ से मिलकर तहसील में फैले भ्रष्टाचार को लेकर वार्ता करेगा। यदि समाधान नहीं निकलता है, तो अधिवक्ता संघ आगामी रणनीति पर विचार करेगा।
बैठक के दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य से पूरी तरह विरत रहे।
वक्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि तहसील परिसर में तहसीलदार से लेकर नायब तहसीलदार तक के न्यायालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। बिना सुविधा शुल्क के कोई भी कार्य नहीं होता। अधिवक्ताओं ने बताया कि बैनामा, दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में प्राइवेट मुंशियों के माध्यम से खुलेआम हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं। वहीं, यदि किसी मुकदमे में आपत्ति लग जाती है तो सुविधा शुल्क की राशि हजार से लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
वक्ताओं ने स्वीकार किया कि भ्रष्टाचार इसलिए भी फल-फूल रहा है क्योंकि अधिवक्ता उसे मौन स्वीकृति दे रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि अब समय आ गया है कि सभी अधिवक्ता एकजुट होकर इसका विरोध करें।
अधिवक्ताओं की शिकायतें और समाधान की मांग
अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बार लिखित शिकायतें भी दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। वक्ताओं का कहना था कि इस भ्रष्ट व्यवस्था के विरोध में निर्णायक कदम उठाना आवश्यक है, जिससे न सिर्फ अधिवक्ताओं बल्कि आम वादकारियों के हितों की रक्षा की जा सके।
बैठक में प्रमुख अधिवक्ता रहे उपस्थित
इस बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सिन्हा, हरिनायक तिवारी, अशोक श्रीवास्तव, रघुनाथ प्रसाद, भरत लाल, राम आसरे द्विवेदी, प्रेम बिहारी यादव, आर. पी. सिंह, आलोक विश्वकर्मा, पवन गुप्ता, कुंवर भारत सिंह, वेद प्रकाश श्रीवास्तव, सतीश कुमार, दयाराम पाल, जितेंद्र श्रीवास्तव, रमा शंकर, महेंद्र श्रीवास्तव सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे और अपने विचार रखे।
बैठक का संचालन महामंत्री नंदलाल यादव ने किया।