ED छापेमारी के दौरान विधायक की फिल्मी स्टाइल में भागने की कोशिश, गिरफ़्तार

ED छापेमारी के दौरान विधायक की फिल्मी स्टाइल में भागने की कोशिश, गिरफ़्तार
मुर्शिदाबाद (Hind24TV):
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में सोमवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी टीएमसी विधायक जीबन कृष्ण साहा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले विधायक ने फिल्मी अंदाज में दूसरी मंजिल से छलांग लगाई और दीवार फांदकर भागने की कोशिश की, लेकिन केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उन्हें पकड़ लिया।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार सुबह करीब 7 बजे, ED की एक टीम ने केंद्रीय बलों के साथ मुर्शिदाबाद के अंदिर गांव स्थित विधायक जीबन कृष्ण साहा के घर पर छापेमारी की। टीम भर्ती घोटाले से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में पहुंची थी।
सूत्रों के अनुसार, जैसे ही विधायक को ईडी की मौजूदगी का पता चला, उन्होंने दूसरी मंजिल से कूदकर और पीछे की दीवार फांदकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान उन्होंने अपने दो मोबाइल फोन पास की झाड़ियों में फेंक दिए, जिन्हें बाद में जांच एजेंसी ने बरामद कर लिया।
चार घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ़्तारी
ईडी अधिकारियों ने विधायक से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया और कोलकाता ले जाया गया, जहां आगे की पूछताछ और कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।
कहां-कहां हुई छापेमारी?
- मुख्य आवास: अंदिर गांव, बरन्या (मुर्शिदाबाद)
- ससुराल: पियारापुर, रघुनाथगंज थाना क्षेत्र
- करीबी सहयोगी: पार्षद माया साहा का आवास, सैंथिया (बीरभूम)
ईडी ने इन सभी स्थानों पर एक साथ छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। सभी ठिकानों को केंद्रीय बलों द्वारा घेराबंदी कर लिया गया ताकि कोई भी सबूत नष्ट न हो सके।
भर्ती घोटाले से जुड़ा पुराना मामला
टीएमसी विधायक जीबन कृष्ण साहा का नाम राज्य के चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले में पहले भी सामने आ चुका है।
- पहली गिरफ्तारी: 17 अप्रैल, 2023 को
- CBI का छापा: उसी साल मई में
- क्या मिला था?:
- शिक्षक भर्ती (SLST) से जुड़ा पूरा डेटाबेस
- 3,400 उम्मीदवारों की सूची, जिनमें नाम और रोल नंबर शामिल
- करीब दो बैग दस्तावेज
- दो मोबाइल फोन तालाब में फेंक दिए गए थे
सुप्रीम कोर्ट से मिली थी जमानत
लगभग 13 महीने जेल में बिताने के बाद, जीबन कृष्ण साहा को 14 मई, 2024 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।
जमानत के बाद वे फिर से अपने निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय हो गए थे और उन्हें स्कूल शिक्षक की नौकरी भी बहाल कर दी गई थी।
राजनीतिक हलचल तेज
इस गिरफ्तारी से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल शुरू हो गई है।
विपक्ष ने राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया है, जबकि टीएमसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वीडियो फुटेज और मोबाइल डेटा की जांच
ईडी सूत्रों के मुताबिक, विधायक के द्वारा झाड़ियों में फेंके गए दोनों मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। माना जा रहा है कि इन फोनों में भर्ती घोटाले से जुड़ी कई अहम जानकारियां हो सकती हैं।
अगला कदम क्या होगा?
ईडी अब विधायक को कोर्ट में पेश करेगी और हिरासत की मांग कर सकती है ताकि घोटाले में और गहराई से पूछताछ की जा सके। आने वाले दिनों में और भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Hind24TV इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जैसे-जैसे आगे की जानकारी सामने आएगी, हम आपको सबसे पहले और सटीक अपडेट देंगे।