जौनपुर: किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को दें संस्कारयुक्त शिक्षा — जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र
रिपोर्टर: दीपक शुक्ला | Hind24tv
स्थान: जौनपुर | तिथि: 4 सितम्बर 2025
जौनपुर जनपद में गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने कम्पोजिट विद्यालय डीह जहानियां का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता और मिड-डे-मील व्यवस्था की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा, “बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उनमें संस्कार और नैतिक मूल्यों का भी समावेश करें। यही उन्हें एक बेहतर नागरिक बनाएगा।”
बच्चों ने दिखाया ज्ञान, जिलाधिकारी ने किया सम्मानित
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी विभिन्न कक्षाओं में पहुँचे और बच्चों की शैक्षणिक समझ का परीक्षण किया।
- कक्षा 1 में विद्यार्थियों से हिन्दी वर्णमाला का उच्चारण कराया गया, जिसमें यश, आकांक्षा और रिदम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
- कक्षा 8 की छात्राएँ अंकिता यादव और रिया विश्वकर्मा ने संस्कृत श्लोकों का शुद्ध उच्चारण और अर्थ बताकर जिलाधिकारी को प्रभावित किया।
जिलाधिकारी ने इन विद्यार्थियों को अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया तथा सभी बच्चों को टॉफी देकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को सराहनीय बताया और शिक्षकों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
मिड-डे-मील में स्थानीय पोषण तत्वों को शामिल करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने मिड-डे-मील की गुणवत्ता की भी जांच की। इस दौरान उन्होंने करौंदा जैसे स्थानीय एवं पौष्टिक फलों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि
“करौंदा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो हृदय को स्वस्थ रखने, इम्युनिटी बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद करता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-C होता है।“
डॉ. दिनेश चन्द्र ने अपने आवास पर बने करौंदे के अचार का वितरण बच्चों में किया और निर्देश दिए कि मिड-डे-मील में करौंदा, नींबू का अचार, कद्दू की सब्जी तथा करी पत्ता जैसे स्वास्थ्यवर्धक तत्वों को सम्मिलित किया जाए।
बाल वाटिका और हरित अभियान को लेकर गंभीरता
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार सभी विद्यालयों में बाल वाटिका के अंतर्गत फलदार पौधों जैसे आम, अमरूद, कटहल आदि का रोपण कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में अधिक से अधिक सहजन (ड्रमस्टिक) के पौधे लगाने का भी निर्देश दिया, जिससे पोषण के साथ-साथ हरित वातावरण भी सुनिश्चित हो।
अनुशासन और समय पालन पर विशेष बल
डॉ. चन्द्र ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे समय से विद्यालय में उपस्थित होकर बच्चों को पूरी निष्ठा से शिक्षा दें और उन्हें एक अच्छे इंसान के रूप में तैयार करें।
उपस्थित शिक्षकगण
निरीक्षण के समय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अमरावती देवी, सहायक अध्यापिका सुषमा सिंह, वन्दना सिंह, गायत्री मौर्य, संगीता मौर्य, मीना देवी, पूजा यादव तथा राजीव कुमार गौतम सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

