एक्सपर्ट दें रहे हैं बूस्टर डोज लगाने की सलाह ,सर्दियों में आ सकता है कोरोना का नया वैरिएंट,

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स्वास्थ्य विशेषज्ञ और राष्ट्रीय आईएमए कोविड टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष डॉ राजीव जयदेवन ने कहा कि वैक्सीन हमें गंभीर रूप से बीमार पड़ने और मृत्यु से बचाती है. जयदेवन के मुताबिक किसी को नहीं पता कि कोरोना का नया वैरिएंट कब आ सकता है. अभी तक कुल छह वैरिएंट आये और जा चुके हैं. डॉ राजीव जयदेवन ने आगे बताया कि नया वैरिएंट उन लोगों से बनता है जो वायरस को महीनों तक अपने शरीर में रखते है. आमतौर पर HIV कैंसर किडनी ट्रांस्पलांट कराने वाले मरीजों में वायरस अधिक म्युटेंट बनाता है

.AFP न्यूज़ एजेंसी के अनुसार यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने कहा कि इन बूस्टर डोज में ओमीक्रोन के नए स्ट्रेन के लिए बनाई गई वैक्सीन और वायरस से लड़ने के लिए विकसित मूल टीके शामिल होंगे. हालांकि ईएमए टीके के प्रमुख मार्को कैवेलरी ने स्पष्ट किया कि लोगों को नए टीकों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए. आगे उन्होंने कहा कि विंटर्स में एक पूरी तरह से नया वैरिएंट आ सकता है जिसका हम आज अनुमान लगाने में सक्षम नहीं हैं

.आपको बता दें कि गुरुवार को, EMA ने कहा कि फाइजर और मॉडेर्ना द्वारा बनाये गए नए टीकों को ओमीक्रोन के पुराने BA.1 सबवेरिएंट से निपटने के लिए डेवेलप किया गया है. प्रमुख BA.4 और 5 वैरिएंट के लिए बनाई गई फाइजर की नई वैक्सीन को सितंबर के मध्य तक अधिकृत करने की संभावना है. जबकि इसी तरह की मॉडेर्ना की वैक्सीन भी जल्द लोगों के लिए उपलब्ध होने वाली है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञ और राष्ट्रीय आईएमए कोविड टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष डॉ राजीव जयदेवन ने कहा कि वैक्सीन हमें गंभीर रूप से बीमार पड़ने और मृत्यु से बचाती है. जयदेवन के मुताबिक किसी को नहीं पता कि कोरोना का नया वैरिएंट कब आ सकता है. अभी तक कुल छह वैरिएंट आये और जा चुके हैं. डॉ राजीव जयदेवन ने आगे बताया कि नया वैरिएंट उन लोगों से बनता है जो वायरस को महीनों तक अपने शरीर में रखते है. आमतौर पर HIV कैंसर किडनी ट्रांस्पलांट कराने वाले मरीजों में वायरस अधिक म्युटेंट बनाता है.

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