गोंडा – तहसील कर्नलगंज बना घूसखोरी का केंद्र,एक और तहसील कर्मी का घूस लेते वीडियो वायरल

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अश्वनी गौतम की रिपोर्ट

कर्नलगंज,गोंडा। तहसील कर्नलगंज में घूसखोरी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक ओर तहसीलकर्मी का घूस लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिससे तहसील प्रशासन की काफी किरकिरी होने के साथ ही आमजनमानस में काफी चर्चा का विषय बना है। मामला तहसील कर्नलगंज का है, जहां प्रायः आम जनता से विभिन्न शासकीय व अन्य आवश्यक कार्यों के बदले आये दिन खुलेआम बेखौफ सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत लेने का कारनामा सामने आ रहा है, जिसमें जिम्मेदार आलाअधिकारियों द्वारा प्रभावी एवं सख़्त वैधानिक कार्रवाई ना करने से कर्मचारियों, लेखपाल, कानूनगो द्वारा आमजनता का खुलेआम शोषण लगातार जारी है इसी क्रम में एक तहसील कर्मी का घूस लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है

जो जिम्मेदार अधिकारियों की निरंकुश कार्यप्रणाली को उजागर करते हुए योगी सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था की पोल खोल रहा है। बताते चलें कि तहसील क्षेत्र कर्नलगंज अन्तर्गत अभी विगत दिनों पिपरी के लेखपाल का वीडियो वायरल होने पर मुकदमा तक पंजीकृत हुआ और फिर कटरा बाजार का मामला सामने आया उसके पश्चात गोगिया के लेखपाल का घूसखोरी का वीडियो वायरल हुआ जो कि अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि तहसील में तत्कालीन नायब नाजिर के जिम्मेदार पद पर कार्यरत एक और तहसील कर्मी का वीडियो वायरल हो रहा है जो तत्कालीन नायब नाजिर राजकुमार का बताया जाता है जिसमें उनके द्वारा तहसील की रंगाई पुताई कराने हेतु कार्य दिलाने के बदले घूस के तौर पर एक स्थानीय व्यक्ति से बेधड़क होकर लिया जा रहा रूपया और नोटों का बंडल साफ दिखाई व सुनाई पड़ रहा है।

जिसका किसी ने वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया जो आमजनमानस में काफी चर्चा का विषय बना है। जबकि सूत्रों के अनुसार उक्त तहसील कर्मी किसी दूसरे मामले में जेल में निरुद्ध भी रह चुका है जो जमानत पर है। जिससे स्पष्ट होता है कि स्थानीय अधिकारियों और जनपद के तेज तर्रार कहे जाने वाले जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही की कार्रवाई का भी तहसील कर्मियों और लेखपाल,कानूनगो में कोई खौफ नहीं है। जबकि यह वीडियो तहसील परिसर के आसपास की बतायी जाती है जहां पर उप जिलाधिकारी मौजूद रहते हैं वहां की घूसखोरी की वीडियो वायरल होना स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली को गंभीर सवालिया घेरे में खड़ी कर रही है। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि जब तहसील के आसपास का यह हाल है तो तहसील कर्मी, लेखपाल, कानूनगो और अन्य सरकारी कर्मचारी क्षेत्र में आम जनता के साथ कैसा सलूक करते होंगे इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

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