जानिए चाय पीने के कुछ खास नियम एक कप चाय को बड़ी नजाकत के साथ पीते हैं

जानिए चाय, दुनिया में शायद ही कोई ऐसा होगा जो इस शब्‍द को सुनने के बाद इसे पीने से खुद को रोक सके. चाय के शौकीन कहते हैं कि कोई भी मुश्किल हो या किसी के साथ अपनी दोस्‍ती मजबूत करनी हो तो ऑप्‍शन बस एक कप चाय. खैरऔर भारत पर 200 साल राज करने वाले अंग्रेज चाय के लिए कुछ ऐसा ही सोचते हैं.

 आपको लगता है कि भारत के लोगों से ज्‍यादा चाय कोई और नहीं पीता तो आप गलतफहमी में हैं. ब्रिटिश यानी अंग्रेजों के लिए चाय का प्‍याला हर महंगे ड्रिंक से ऊपर है. चाहे बर्थडे हो या फिर कोई बुरी खबर या फिर कोई बड़ी से बड़ी समस्‍या हो, उनके लिए चाय की जगह कोई और नहीं ले सकता है. लेकिन आखिर वो इतनी चाय पीते क्‍यों हैं? जवाब जानने के लिए पढ़ें क्‍यों न महारानी एलिजाबेथ खुद चाय की शौकीन हैं. ज्‍यादातर अंग्रेज मानते हैं कि कोई भी काम हो चाहे वो पढ़ाई हो या फिर ऑफिस का कोई काम, एक कप चाय के बिना अधूरा है.

 जो यह तक प्‍लान कर डालते हैं कि आखिर उनके काम को खत्‍म करने के लिए कितने कप चाय की जरूरत पड़ सकती है. तीन, चार और यहां तक कि पांच से ज्‍यादा कप चाय पीने से भी उन्‍हें परहेज नहीं है. सुबह जागने से लेकर ब्रिटेन में लोग हर मौके को चाय के साथ ही सेलिब्रेट करते हैं.

 जानिए दूध मिलाने का अपना एक तरीका

अचानक चाय के दाम गिर गए और ब्रिटेन का हर व्‍यक्ति चाय का शौकीन हो गया. चाय को ब्रिटेन में वो जरिया मानते हैं जिसने हर सामाजिक भेदभाव, रंगभेद और पैसे के अंतर को दूर कर देती है. ब्रिटेन की 10 प्रतिशत आबादी चाय पीती है.

ब्रिटेन में लोग बिना दूध की चाय नहीं पी सकते हैं. उनकी चाय में दूध का होना बहुत जरूरी है लेकिन इस दूध को चाय में मिलाने का अपना एक अलग तरीका है.

चाय को एक बर्तन में उबाला जाता है   बोन चाइना के कप हर कोई नहीं रखता है और ये कप गर्म दूध को सह नहीं सकते हैं. ऐसे में दूध को पहले कप में डाला जाता है और फिर इसमें उबली हुई चाय डाली जाती है. दूध को पहले से कप में डालने की एक वजह एकदम गर्म चाय को थोड़ा ठंडा करना भी होता है.

अब चाय में चीनी नियमों के खिलाफ

कई लोग चाय को शक्‍कर और नीबू के साथ भी बनाते हैं. फिलहाल इस समय ब्रिटेन में दूध को कैसे डाला जाए, इस पर बहस जारी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि गलत तरीके से मिलाया गया दूध चाय के ऊपर मलाई तैयार कर देता है. ब्रिटेन में इस तरह की चाय को तरीकों के खिलाफ माना जाता हे.

ब्रिटेन की मानवविज्ञानी केट फॉक्‍स के मुताबिक चाय में पड़ने वाला दूध सामाजिकता के बारे में जानकारी देता है. ब्‍लैक टी वर्किंग क्‍लास के लिए मानी जाती है तो इसमें अगर दूध और शक्‍कर मिला दी जाए तो इसे बिल्‍डर्स टी कहते हैं.

 

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