जिसका उल्‍लेख खुद प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने कियाइतनी खास क्‍यों है|बन्‍नी भैस जानिए क्या पूरा मामला

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नई दिल्‍ली. भारत में तकरीबन आधी सदी के बाद वर्ल्‍ड डेयरी समिट का आयोजन किया जा रहा है. इस 4 दिवसीय सम्‍मेलन में देश-विदेश के मशहूल विशेषज्ञ अपना अनुभव किसानों से साझा करेंगे. साथ ही किसान भाइयों को सलाह भी देंगे, ताकि वे दुग्‍ध व्‍यवसाय से ज्‍यादा से ज्‍यादा कमाई कर सकें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा में वर्ल्‍ड डेयरी समिट का उद्घाटन किया.

इस मौके पर उन्‍होंने गुजरात के कच्‍छ इलाके में पाई जाने वाली बन्‍नी भैंस का उल्‍लेख किया. पीएम मोदी ने स्‍वदेशी पशुओं की प्रजाति का उल्‍लेख करते हुए बन्‍नी भैंस के बारे में खासकर विदेशी मेहमानों को अवगत कराने की कोशिश की. अब सवाल यह उठता है कि आखिर बन्‍नी भैंस इतनी खास क्‍यों है?

इसकी क्‍या-क्‍या विशेषताएं हैं

बन्‍नी भैंस का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी खासियत बताई. वर्ल्‍ड डेयरी समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि बन्‍नी भैंस कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सर्वाइव करने के लिए जानी जाती है. उन्‍होंने कहा कि बन्‍नी भैंस कच्‍छ के रेगिस्‍तान और वहां की परिस्‍थितियों से ऐसे घुल-मिल गई हैं कि उनको देखकर कई बार हैरानी होती है. पीएम मोदी ने आगे बताया कि कच्‍छ के इलाकों में दिन के समय भीषण धूप होती है.

इसकी वजह से गर्मी भी बहुत होती है, ऐसे में बन्‍नी भैंस रात के कम तापमान में घास चरने के लिए निकलती है. उस समय पशुपालक उसके साथ नहीं होते हैं. वह गांवों के पास बने चारागाहों में खुद ही जाती है. पीएम मोदी ने बन्‍नी भैंस की खासियत गिनाते हुए कहा कि रेगिस्‍तानी इलाकों में पानी काफी मात्रा में पाया जाता है, ऐसे में इस प्रजाति की भैंस का काम काफी कम पानी से ही चल जाता है.

10-15 किलोमीटर दूर जाती है चारा चरने

पीएम मोदी ने बताया कि बन्‍नी भैंस रात में 10 से 15 किलोमीटर दूर तक चारा चरने चली जाती है. घास चरने के बाद यह भैंस अपने घर को लौट आती है. किसान उसे लाने नहीं जाते हैं. यदा कदा ही सुनने में आता है कि किसी की बन्‍नी भैंस खो जाती है. पीएम मोदी ने बन्‍नी भैंस का उल्‍लेख विशेष संदर्भ में किया था. दरअसल, वह भारत में पाए जाने वाले स्‍वदेशी पशुधन के बारे में जानकारी दे रहे थे. इसी क्रम में उन्‍होंने बन्‍नी प्रजाति की भैंस की विशेषताएं बताईं.

काफी महंगी है यह भैंस

बन्नी ग्रास लैंड जानवरों के चारे के लिए दुनियाभर में मशहूर है। बन्नी भैंस की नस्ल ऐसी होती है, जिसे तमाम दुग्ध उत्पादक खरीदना चाहते हैं. बन्नी भैंस की कीमत एक लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक हो सकती है. इस भैंस की खासियत ये भी है कि इस प्रजाति की भैंस अधिक सर्दी और अधिक गर्मी दोनों ही बर्दाश्त करने में सक्षम होती है.

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