जौनपुर।चुनार मिर्जापुर की पुलिस अड़गड़ानंद महाराज के शिष्य आशीष बाबा के पैतृक गांव दमोदरा में कुंडली खंगालने पहुँची

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जौनपुर। मिर्जापुर के चुनार में स्थित परमहंस आश्रम में गोली चलने के बाद अब पुलिस परमहंस आश्रम में रह रहे बाबाओ की कुंडली खंगालने में जुटी हुई है। घायल आशीष बाबा का भी कुंडली खंगालने के लिए पुलिस उनके पैतृक गांव पहुंची है।

शनिवार की शाम रामपुर थाना क्षेत्र के मनुई दमोदरा गांव में चुनार की पुलिस पहुंच कर जांच पड़ताल किया। यह गांव आशीष बाबा का पैतृक गांव है।
शनिवार की शाम 3:00 बजे मिर्जापुर जिले के चुनार कोतवाली से रामपुर थाना क्षेत्र के मनुई दामोदरा गांव में कांस्टेबल नरेंद्र पटेल सिविल ड्रेस में पहुंचकर तहकीकात किया। कांस्टेबल ने आशीष बाबा के भौगोलिकता के बारे में परिवार से जानकारी किया। आशीष बाबा के ऊपर कोई मुकदमा है अथवा किसी मामले में कभी गिरफ्तारी हुई है इसकी भी परिजनों से पूछताछ किया।

मनुई दामोदरा गांव आशीष बाबा उर्फ आशीष दुबे का पैतृक निवास है। परिजनों ने पहुंचे पुलिसकर्मियों को सब जानकारी उपलब्ध कराया है।
छत्तीसगढ़ के परमहंस आश्रम में गुरुवार को गोली लगने से घायल हुए आशीष बाबा उर्फ आशीष दुबे मूलतः मड़ियाहूं तहसील के दमोदरा मनुई गांव के निवासी हैं।

इनके परिवार की तीन पीढ़ियों से आश्रम में गहरी आस्था है। परिजनों के अनुसार आशीष दूबे हाईस्कूल की पढ़ाई 2008 में पूरी किए हुए हैं। 18 वर्ष की उम्र में स्वामी अड़गड़ानंद के विचारों से प्रभावित होकर घर परिवार छोड़कर आश्रम में ही रहने लगे।

इसके बाद परिजनों से पूरी तरह विरक्त हो गए।आशीष बाबा को गोली लगने से परिजनों के साथ क्षेत्र के लोग भी दुःखी हैं।
आशीष बाबा के दादा सालिकराम दुबे आरएसएस और आश्रम से जुड़े है। आशीष बाबा के पिता अरविंद दुबे संस्कृत विद्यालय में अध्यापक और वह भी परमहंस आश्रम में आस्था रखते हैं।

आशीष बाबा दो भाई  में सबसे बड़े हैं। आशीष बाबा के छोटे भाई आभाष दुबे के दो पुत्री है पहली पुत्री आराध्या है जबकि दूसरी पुत्री  जिनका नामकरण अभी नहीं हुआ है। छोटे भाई आभास दुबे प्रयागराज में एक निजी बैंक में कार्यरत है। पिता अरविंद दुबे ने बताया कि गोली लगने पर थोड़ी विचलित जरूर हुआ था। आशीष की मां माधुरी देवी अपने मायके गई हुई है।

आशीष के पिता अरविंद दुबे पेशे से अध्यापक है परिजनों का कहना है किस कारण आशीष बाबा के ऊपर गोली चली हम लोगों के समझ के परे हैं। अभी 7 माह पूर्व जीवन बाबा जो गोली मारा है खौलता तेल का कड़ाही आशीष बाबा के ऊपर डाल दिया था जिससे वह जख्मी हो गए थे।
आशीष के पिता अरविंद दुबे चार भाई में दूसरे नंबर पर है। आशीष का ननिहाल रामपुर थाना क्षेत्र के सिरौली गांव में है। परिजनों ने बताया की हम सभी परिवार के लोग महाराज जी का सन 1975 से ही भक्त हैं।

पहली बार आशीष आश्रम गए और वही आश्रम पर रुक गए वहां पर जब हम लोग लेने के लिए गए तो वहां के साधुओं ने कहा की मत ले जाइए यह एक सन्यासी हैं, इनके अंदर पूरा सन्यासी का लक्षण दिख रहा है। यह घर पर नही रह सकेगा तो हम लोग वापस घर चले आए। आशीष बाबा के गए 15 से 16 वर्ष हो गया अभी तक वह घर नहीं आए।

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