जौनपुर।…. चौथ नजदीक है मेरे फौजी पिया, जीत करके लड़ाई चले आइए’

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‘…… चौथ नजदीक है मेरे फौजी पिया, जीत करके लड़ाई चले आइए’

सार्वजनिक इंटर कॉलेज में कवि सम्मेलन का आयोजन ख्यातिलब्ध कवियों के काव्य पाठ की सरिता में गोता लगाते रहे श्रोता-

विक्की कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

मुंगरा बादशाहपुर। सार्वजनिक इंटर कॉलेज परिसर में विजय संस्थापक द्वारा विजय बहादुर सिंह, भूपेंद्र सिंह एवं विनोद कुमार सिंह की पुण्य स्मृति में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र सिंह , पूर्व आईजी नागेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य विनोद सिंह, पूर्व प्राचार्य चंद्र बहादुर सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख जितेंद्र सिंह व उदय सिंह ने विजय बहादुर सिंह व विनोद सिंह के चित्र पर माल्यार्पण व दीप जलाकर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कवियत्री प्रीति पांडेय ने वंदना गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की।

उर का मधुबन पुकारे चले आइए, वो मेरा अंजन पुकारे चले आइए, है अधूरे वचन और प्यासे नयन, एक जोगन पुकारे चले आए….., रात पूनम की आई चले आइए, सुन मन की गहराई चले आइए… चौथ नजदीक है मेरे फौजी पिया, जीतकर के लड़ाई चलाइए…. बाराबंकी से आए कवि रामकिशोर व डॉ अनुज नागेंद्र प्रतापगढ़ी ने कविता पढ़ी। झांसी से आए कवि पंकज अभिराज ने कहा कि मेरी पूजा में तू, तुम इबादत में भी, मेरी आरती में तुम ही तुम ही आयत में भी, मुझको काशी की कोई जरूरत नहीं, मर के बाहों में तेरी मैं तर जाऊंगा.., मुझ में रहती हो तुम आत्मा की तरह, दूर जाओगे मुझसे मैं मर जाऊंगा…..

…… लक्ष्य तक ले जाएगी तुमको धोकर देखना… गिर गए तो क्या खड़े तुम फिर से होकर देखना, जल तुम्हारे घर का पावन गंगाजल बन जाएगा, मां जब थक जाए तो इसके पांव धोकर देखना…..

अमन अक्षत इंदौरी अपने अंदाज को कुछ यूं धार दी। जबकि सब पहेलियों को देख करके कैसे दल गए.., सीता आगे में ना चली, और राम जल में जल गए…, न कोई काम लेने आया हूं, न कोई दाम लेने आया हूं, आपके पास इतनी दूरी से राम का नाम लेने आया हूं… चर्चित कवियत्री मीनू शर्मा ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

राधा किशन से सीखा मैंने प्यार दोस्तों, श्री राम से मर्यादा संस्कार दोस्तों, मस्तक की खूबसूरती चंदन है दोस्तों, करने लगा है पूजा मेरे परिवार दोस्तों….. छत्तीसगढ़ से पधारे मनोज चौहान द्वारा पेस… राम रहीम वाले भारत की तस्वीर पुरानी बेंच गए, शेखर, सुभाष अशफाक उल्ला खान कि हर कुर्बानी बेच गए, ऊंची औधो पर बैठने वाले तुमको कैसे मैं संबोधन करूं, राजगुरु, सुखदेव, भगत की आज जवानी बीत गए… सुन श्रोता देश भक्ति भावनाओं में डूब गए।उन्नाव से आए नर कंकाल व बिहारी लाल अंबर इलाहाबादी हास्य रस कवियों ने श्रोताओं को हंसाते हंसाते सराबोर कर दिया।

गाजियाबाद के मुस्कान शर्मा, बाराबंकी के राम किशोर तिवारी, झांसी के पंकज अभिराज व इंदौर के अमन अक्षत आदि कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर समा बांध दिया। कवि सम्मेलन का संचालन राम किशोर तिवारी ने किया।

इस अवसर पर विमल सिंह, छोटे सिंह, राधेश्याम पांडे, धरम सिंह, सर्वजीत सिंह, उदय सिंह रिंटी, राजन सिंह, राकेश सिंह,मो.जफर,सुनील सिंह,दीपू सिंह आशोक मिश्रा, राहुल सिंह व काजल सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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