नही चलेगी डॉक्टरों की मनमानी :- यूपी के डॉक्टर अब मरीजों को ब्रांडेड और महंगी दवाईयां लिखे तो यहाँ दर्ज करें शिकायत

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*श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर लोकार्पण के अवसर पर आगामी 13 दिसंबर से 14 जनवरी तक श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के तहत
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर लोकार्पण के अवसर पर आगामी 13 दिसंबर से 14 जनवरी तक श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के तहत "भव्य काशी दिव्य काशी" कार्यक्रम की तैयारियों का अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि 13 दिसंबर को श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण पश्चात 14, 15 व 16 दिसंबर को काशी के प्रत्येक घरों में बाबा का विशेष प्रसाद एवं धाम के इतिहास से संबंधित कॉफी टेबल बुक अभियान चलाकर हर हालत में पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शास्त्रोक्त पद्धति से पूजन अर्चन के दौरान पूरे कार्यक्रम का लाइव प्रसारण पब्लिक फंक्शन स्थल पर चलता रहे तथा इससे पूर्व आदि के कार्यक्रम भी होते रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण से पूर्व पूरे वाराणसी जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जन सहभागिता के साथ उत्सव सा माहौल पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस दिन लोग अपने घरों में विशेष साफ सफाई के साथ हुई दीप अवश्य जलाएं। इसके लिए काशी के परिवारों के साथ संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि 1669 के बाद अहिल्याबाई होलकर द्वारा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनरुद्धार कराने के पश्चात लगभग 452 वर्ष के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकल्प के साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम का पुनरुद्धार कराया है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि इस दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के सभी सड़कें गड्ढा मुक्त हो जाए। जनप्रतिनिधियो के नेतृत्व में स्वच्छता का विशेष अभियान चलाया जाए। 12, 13 व 14 दिसंबर को गंगा घाटों के साथ-साथ शहर के प्रमुख इमारतों का विशेष रूप से सजावट एवं लाइटिंग कराया जाए। सरकारी भवनों का शहर की सड़कों भांति परमानेंट लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कमिश्नर दीपक अग्रवाल से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में डिजिटल डोनेशन की व्यवस्था सुनिश्चित कराए जाने के साथ ही पूरे काशी का डिजिटल मैप बनाने का भी निर्देश दिया। हर वार्ड में कीर्तन मंडली लगाया जाए। कीर्तन मंडली सुबह-सुबह निकलकर प्रातः मोहल्लों में कीर्तन भजन करें। इन कीर्तन मंडलियों को संस्कृति विभाग द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान फाइन आर्ट के छात्र-छात्राएं शहर के प्रमुख चौराहों पर पेंटिंग करेंगे। काशी के विकास से संबंधित क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित किए जाने का उन्होंने निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर लोकार्पण के दौरान पूरे एक माह तक काशी में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होता रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के पुनरुद्धार की जानकारी काशी के जन-जन तक पहुंचाने हेतु 200 महिला एवं 200 पुरुषों की टीम तैयार करने पर विशेष जोर दिया। जो काशी विश्वनाथ धाम की इतिहास की संक्षिप्त जानकारी लोगों को बताएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम के साथ-साथ वाहन पार्किंग एवं यातायात की व्यवस्था भी सुदृढ़ सुनिश्चित कराया जाए। जिससे काशीवासियों को यातायात की किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। नगर निगम, विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद अपनी-अपनी सड़कों को तत्काल दुरुस्त कराएं। वेंडिंग जोन में ही रेहड़ी-पटरी व्यवस्था स्थापित हो। जिससे सड़क पर साफ-सफाई के साथ ही यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। कूड़े की उठान डोर टू डोर निस्तारण कराया जाए तथा सामुदायिक शौचालय/मूत्रालय की कम से कम दिन में तीन बार सफाई हो। थानों में पड़े वाहनों को युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर निस्तारण का निर्देश दिया। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि नगर निगम में जुड़े 84 गांव में मूलभूत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से संबंधित कार्ययोजना बनाकर शासन को प्रेषित किया जा चुका है। सड़कों को 30 नवम्बर तक गड्ढा मुक्त किए जाने की समीक्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग के अभियंता द्वारा विशेष मरम्मत के बाबत जानकारी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए हिदायत दी कि गड्ढा मुक्त एवं विशेष मरम्मत के नाम पर नौटंकी बंद करे और 30 नवंबर तक सड़कों को पूरी तरह गड्ढा मुक्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि जिन कार्यों का पूर्व में शिलान्यास हो चुका है और उन पर कार्य अभी शुरू नहीं हुए उन कार्यों को तत्काल शुरू करें। उन्होंने बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक को निर्देशित किया कि बकाया के नाम पर कोई भी बिजली कनेक्शन नहीं करना चाहिए। अधिक धनराशि के बिलों का यथासंभव संशोधन व किस्तों में भुगतान प्राप्त किया जाए। पूरे कार्यक्रम की तैयारियों से संबंधित रूपरेखा का दीपक अग्रवाल ने डिजिटल प्रेजेंटेशन किया। बैठक में उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर, पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकॉल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0नीलकंठ तिवारी, स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर मृदुला जायसवाल, एमएलसी अशोक धवन, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह सहित अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, एडीजी बृजभूषण, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, आई जी एस के भगत, पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

यूपी के डॉक्टर अब मरीजों को ब्रांडेड और महंगी दवाईयां लिखे तो यहाँ दर्ज करें शिकाय

 

लखनऊ: यूपी के डॉक्टर अब मरीजों को ब्रांडेड और महंगी दवाईयां नहीं लिख सकते। डॉक्टरों को सिर्फ जेनेरिक दवाईयां ही लिखने का आदेश है। चिकित्सा विभाग द्वारा जारी आदेश में ये भी कहा गया है कि सभी सरकारी अस्पतालों को उपलब्ध दवाईयों की सूची देनी होगी। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि डॉक्टर किसी भी कीमत पर मरीजों को बाहर से दवाएं नहीं लिखेंगे। आदेश में कहा गया है कि अगर अस्पताल में कोई दवा नहीं है तो डॉक्टर उस दवा के ब्रांड का नाम लिखने की बजाय उसका सॉल्ट लिखेंगे ताकि मरीज सरकारी अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर जाकर सॉल्ट के मुताबिक जेनेरिक दवा खरीद सके। इस आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त हिदायत दी है कि कोई डॉक्टर ब्रांडेड दवाईयां पर्चे पर नहीं लिखेंगे। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी डॉक्टरों को ये आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक डॉक्टर अब दवा का नाम नहीं बल्कि सॉल्ट का नाम लिखेंगे। अगर कोई डॉक्टर महंगी दवाईयां लिखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

यहाँ से दर्ज कर सकते है शिकायत

http://scdrc.up.nic.in/

आदेश में कहा गया है कि- चिकित्सा विभाग के आदेश में कहा गया है कि डॉक्टरों को जेनरिक दवाईयां ही लिखनी होगी और उनका सॉल्ट लिखना होगा। डिप्टी सीएम का आदेश मिलने के बाद अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा और स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने सभी डॉक्टरों को आदेश जारी कर कहा है कि वो जेनेरिक दवाईयां ही लिखें।

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