बाजार में महगा हुआ मूंगफली की खेती से किसान कर रहे अच्छी कमाई, फसल बदल रही किस्मत

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जानीए बाजार में हाइब्रिड मूंगफली की कीमत अच्छी मिलती रही है. करीब 19000 रुपये के खर्च पर होगी 50000 रुपये की मूंगफली. अगेती फसल में मिलता है अच्छा लाभ.

 बताया जा रहा कि तिलहन फसल की वजह से बाजार में कायम है जलवा.उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में किसान इन दिनों वैज्ञानिक विधि से खेती कर रहे हैं.
 जो कि खेती में उत्तम साधनों को अपनाकर किसान लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं. जिले में ऐसे किसान भी हैं जो दिल्ली में नौकरी छोड़ कर अपने खेतों में किस्मत आजमा रहे हैं. ऐसे ही एक किसान उदय प्रताप सिंह हैं. वह दिल्ली में काम किया करते थे. उनकी खेती परती पड़ी रहती थी या बटाई पर रहती थी. लॉकडाउन में वह दिल्ली छोड़ कर अपने गांव बहलौली आ गए थे. यहां पर उन्होंने की और अच्छी कमाई हुई.

अपनी खेती को दुरुस्त कराने के बाद उसमें वैज्ञानिक विधि से चक्रीय खेती कर रहे हैं. जिसमें अगेती फसलों से वह लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं. किसान ने बताया कि वह पिछले 2 साल से बारिश के सीजन से ठीक पहले मार्च में मूंगफली की खेती कर चुके हैं. फिर से उन्होंने अपने खेत में मूंगफली बो दी है. उन्होंने बताया कि अगेती फसल का यह लाभ है कि वह समय से पहले प्राप्त होती है और बाजार में उसका मूल्य भी अच्छा मिलता है.

दस हजार की लागत पर 50000 की मूंगफली बेचीं जाती है ?

उदय प्रताप सिंह ने बताया कि 1 हेक्टेयर में करीब 100 क्विंटल मूंगफली होती है. इस फसल में लगभग 10000 का खर्च आता है. 60 से 70 दिन में पैदा होने वाली मूंगफली अच्छे मुनाफा देने वाली फसल है. 2 महीने में करीब 60000 मूंगफली खेती में प्राप्त होती है. वहीं दूसरी फसल में भी लगभग इतनी ही कमाई होती है. दूसरी फसल लेने के बाद वह आलू की फसल खेत में लेने की तैयारी करना शुरू कर देते हैं. अगेती फसल ज्यादा फायदा दे रही है.

जानीए मूंगफली के तेल की अच्छी कीमत मिलती है 

किसान मनोज पाल ने बताया कि साठा मूंगफली काफी अच्छी चलती है. बाजार में इस हाइब्रिड मूंगफली की कीमत भी अच्छी मिलती है, क्योंकि इस मूंगफली में दाने बहुत अच्छे और सुडौल आते हैं. मूंगफली के तेल की भी कीमत बाजार में काफी अच्छी मिल रही है. किसान अमन का कहना है कि उद्यान विभाग से भी इसको लेकर काफी अच्छी जानकारियां मिल रही हैं. अच्छी दवाओं और खाद के इस्तेमाल से खेती की जा रही है. हम लोग समय-समय पर मिट्टी की गुणवत्ता की भी जांच कृषि विभाग में जाकर करवाते रहते हैं.

करवाए जा रहे हैं अच्छे बीज

जिला अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि वह चौपाल के माध्यम से किसानों को और भी ज्यादा जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं. उद्यान विभाग की तरफ से अच्छे बीजों का शोध प्रयोगशाला में करने के बाद किसानों को मुहैया कराए जा रहे हैं. जिला अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि किसानों को और अच्छी फसल के विषय में जानकारी देने के लिए समय-समय पर किसान चौपाल और ट्रेनिंग दी जाती रहती है.

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