लेकिन देश के जिन टॉप सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए लाखों की संख्या में छात्रों ने आवेदन किया है

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कॉलेज में एडमिशन दिया जाएगा. लेकिन देश के जिन टॉप सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए लाखों की संख्या में छात्रों ने आवेदन किया है, वहां पढ़ाने वाले प्रोफेसर की भी काफी कमी है. DU, BHU, JNU और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में फैकल्टी की सीटें खाली हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल CUET UG परीक्षा में करीब 12 लाख छात्रों नें हिस्सा लिया था. इसमें सबसे ज्यादा छात्रों ने यूनिवर्सिटी के विकल्प के तौर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी का चुनाव किया था. करीब 6.63 लाख छात्रों ने डीयू में एडमिशन पाने की इच्छा जाहीर की है. वहीं, बीएचयू को 4.43 लाख छात्रों ने चुना है. इसी कड़ी में इलाहाबाद विवि में एडमिशन के लिए 2.62 लाख छात्रों ने फॉर्म भरा है. लेकिन इन संस्थानों में फैकल्टी की भर्तियां होनी बाकि है.

DU, BHU में फैकल्टी की वैकेंसी

जुलाई में शिक्षा मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर देश के यूनिवर्सिटी में खाली पदों के बारे मे जानकारी दी गई थी. जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 6500 से ज्यादा फैक्लटी की सीटें खाली हैं. शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली यूनिवर्सिटी में 900 टीचर्स की सीटें खाली हैं. वहीं, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी यानी BHU में 532 वैकेंसी हैं. इसके अलावा इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में 622 सीटें खाली हैं. बता दें कि इस साल NIRF Ranking में इन विश्वविद्यालयों को अच्छी रैंक मिली है. BHU जहां छठे स्थान पर है. वहीं, डीयू को 13वीं रैंक मिली है.

JNU और Jamia में भी खाली सीटें

राजधानी दिल्ली में डीयू के अलावा जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी और जामिया यूनिवर्सिटी सबसे ज्यादा मशहूर है. इन यूनिवर्सिटी में भी छात्रों को पढ़ाने वाले प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद बड़ी संख्या में खाली है.JNU में 326 सीटें खाली है. वहीं, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 223 टीचर्स की कमी है.

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