ऑनलाइन शिक्षा करना सही है या गलत

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ऑनलाइन शिक्षा करना सही है या गलत–

शिक्षा प्राप्त करना हर देश के नागरिक का अधिकार है। शिक्षित व्यक्ति अच्छी शिक्षा के बलबूते पर अपने करियर का निर्माण करता है। शिक्षण और अन्य महान आविष्कारों में प्रगति के कारण 1950 की तुलना में शिक्षा आज बहुत विविध है। आजकल वर्तमान जीवन में ऑनलाइन शिक्षा का बोलबाला है। ऑनलाइन शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जहाँ शिक्षक दूर से और दुनिया के किसी भी कोने से इंटरनेट के माध्यम से जुड़ सकता है। शिक्षक स्काइप ,ज़ूम इत्यादि एप्प के ज़रिये वीडियो कॉल करते  है और बच्चे लैपटॉप या कंप्यूटर पर शिक्षक को देख और सुन सकते है। शिक्षक बच्चो को पढ़ाने के लिए अपने कंप्यूटर की स्क्रीन शेयर करते है जिससे बच्चे घर बैठे शिक्षा प्राप्त कर पाते है।

पढ़ाई लोगो के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अच्छी शिक्षा प्राप्त करना हर देश के नागरिक का अधिकार है। शिक्षित व्यक्ति अच्छी शिक्षा के बलबूते पर अपने करियर का निर्माण करता है। शिक्षण और अन्य महान आविष्कारों में प्रगति के कारण 1950 की तुलना में शिक्षा आज बहुत विविध है। आजकल वर्तमान जीवन में ऑनलाइन शिक्षा का बोलबाला है। ऑनलाइन शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जहाँ शिक्षक दूर से और दुनिया के किसी भी कोने से इंटरनेट के माध्यम से जुड़ सकता है। शिक्षक स्काइप ,ज़ूम इत्यादि एप्प के ज़रिये वीडियो कॉल करते  है और बच्चे लैपटॉप या कंप्यूटर पर शिक्षक को देख और सुन सकते है। शिक्षक बच्चो को पढ़ाने के लिए अपने कंप्यूटर की स्क्रीन शेयर करते है जिससे बच्चे घर बैठे शिक्षा प्राप्त कर पाते है।  के इस वक़्त जहाँ सभी शिक्षा केंद्र बंद है।  वहां ऑनलाइन शिक्षा ने अपनी जगह बना ली है। आज दुनिया के सारे देशो के बच्चे ऑनलाइन शिक्षा का उपयोग करके आसानी से पढ़ाई कर पा रहे है। ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के लिए अच्छी और तीव्र गति की इंटरनेट कनेक्टिविटी की ज़रूरत है। शिक्षक दूरस्थ शिक्षा में वीएच अस वीडियो, डीवीडी और इंटरनेट के पाठ्यक्रमों के अनुसार बच्चो को पढ़ाते है। 1993 में ऑनलाइन शिक्षा कानूनी कर दी गयी और यह एक अनोखा तरीका है जिसके माध्यम से  सभी उम्र के छात्र पढ़ सकते है। इंटरनेट की सहजता के कारण वर्षो से ऑनलाइन शिक्षा लोकप्रिय हो रही है।

ऑनलाइन पढ़ाई के फायदे और नुकसान:

ऑनलाइन के #फायदे

  • ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के माध्यम से छात्र घर बैठे ही अपने अध्ययन से संबंधित सामग्री उपलब्ध कर लेता है। प्रश्न से संबंधित कई रूप में उत्तर ज्ञात करने में सुविधा हो जाती हैं।
  • ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से नृत्य, गायन, कुकिंग, सिलाई, कड़ाई, कला से संबंधित इत्यादि गतिविधियों को सीखा जा सकता है।
  • सरकारी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विभिन्न लर्निंग ऐप मौजूद है, जिनके माध्यम से हर परीक्षा की तैयारी सरलता पूर्वक करने में सहायता मिलती है।
  • ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के जरिए समय की व धन की दोनो की बचत हो जाती है। अपने समय के अनुसार ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त की जा सकती।
  • ऑनलाइन कक्षाओं के लिए स्कूल, कॉलेजों में अनावश्यक शुल्क खर्च भी नहीं देना पड़ता है।
  • बढ़ती जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए छात्रों को अच्छे कॉलेजों में प्रवेश मिल पाना कठिन होता है, उन्हें विभिन्न चुनौतियों से गुजरना पड़ता है, ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के जरिए छात्रों को सुविधा मिली है।
  • विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के द्वारा ऑनलाइन शिक्षा का प्रमाण पत्र भी दिया जाता है, जो छात्रों को रोजगार पाने में सक्षम बनाता है।
  • कुछ ऐसे व्यक्ति जो नौकरी के साथ अपनी आगे की पढ़ाई को जारी रखना चाहते है वह ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के द्वारा इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेकर, ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
  • कोरोना महामारी जैसे परिस्थितियों में भी ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली ही शिक्षा के क्षेत्र में कारगर साबित हुई है।

ऑनलाइन के #नुकसान-

  • ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंटरनेट की सुविधा होना परम आवश्यक है परन्तु देश में ऐसे असंख्य क्षेत्र अभी भी मौजूद है, जहां इंटरनेट की सुविधा उचित रूप से उपलब्ध नहीं है, ऐसे क्षेत्र में ऑनलाइन शिक्षा निष्फल साबित होती है।
  • ऐसे छात्र जिनके पास कुशल स्मार्ट फोन, कम्प्यूटर, लैपटॉप आदि नहीं है, वह छात्र ऑनलाइन शिक्षा पद्वति का पूर्णतः लाभ नहीं उठा पाते है।
  • ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत एक अध्यापक का महत्व कम होता नजर आता है, बच्चों के जीवन में वास्तविक शिक्षक की कमी होती है।
  • स्कूल, कॉलेजों में जब छात्र- छात्राएं आपस एक कक्षा में पढ़ते है तो उनके अंदर एक दूसरे से अच्छा प्रदर्शन करने की प्रतियोगिता होती है, किन्तु ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत बच्चों की प्रतियोगता का स्तर कम हो जाता है।
  • ऑनलाइन शिक्षा के लिए विभिन्न लर्निंग ऐप तथा वेबसाइट्स इंटरनेट पर उपलब्ध है, परंतु छात्रों को उनके लिए एक उचित लर्निंग प्लेटफॉर्म ढूंढ़ने में काफी असमंजस का सामना करना पड़ता है।
  • ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत बच्चों का पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाना बेहद कठिन होता है।
  • ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों की सेहत पर भी पर असर पड़ता है, आंखे कमजोर होने लगती है। बड़े बच्चों में सर दर्द जैसे समस्याएं उत्पन्न होने लगती है।

ऑनलाइन पढ़ाई की बढ़ती आवश्यकता :

वर्तमान युग में मनुष्य एक सफल तकनीकी युग में प्रवेश कर चुका है। सभी कार्य तकनीकी मदद से सरलता पूर्वक सम्पन्न किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त शिक्षा के क्षेत्र में भी विभिन्न तकनीकी उपकरणों के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाने लगी है। ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली का आरंभ सन् 1993 में हुआ था। इंटरनेट का प्रयोग बढ़ने के साथ साथ ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को भी हवा मिलने लगी। इस वर्ष ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को वैध निर्धारित किया जा चुका है। बच्चों को घर बैठे सरलता से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली का ही प्रयोग किया जा रहा है। धीरे धीरे संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत निर्भर होने लगी, ऐसी स्थिति में ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली प्रत्येक छात्र की अहम जरूरत बनना शुरू हो गई है। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण उपयोगों को देखते हुए यह प्रत्येक छात्र के लिए एक आवश्यक प्रणाली है।

ऑनलाइन पढ़ाई की चुनौतियां :

  • जिन शहरों, गांव अथवा कस्बों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को शुरू कर पाना बेहद मुश्किल है।
  • इसके साथ ही ऐसे क्षेत्र जहां इंटरनेट की स्पीड कम होती है, वहां भी ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली अपनाना चुनौती पूर्ण हो जाता है।
  • इंटरनेट पर समस्त पाठ्यक्रम, भाषाओं के अनुरूप अध्ययन सामग्री की कमी होने से छात्रों को अध्ययन में समस्या हो सकती है।
  • ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के लिए कुशल शिक्षकों की भी कमी है, अधिकाशं शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के विषय में पूर्ण ज्ञान नहीं मिला है।
  • जिन विषयों में प्रैक्टिकल नॉलेज की आवश्यकता होती है उनका ज्ञान लेना मुश्किल होता है।

ऑनलाइन पढ़ाई को बेहतर बनाने के उपाय :

  • कोरोना वायरस के संक्रमण से उत्पन्न स्थिति ने ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए अन्य विकल्पों पर सोचने पर विवश कर दिया है।
  • जिन क्षेत्रों में इंटरनेट की उचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, उन क्षेत्रों में इंटरनेट गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास करना चाहिए। ताकि ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली का सर्वाधिक विकास किया का सके।
  • ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत शिक्षकों को तकनीकी शिक्षण प्रशिक्षण देने का कदम उठाया जाना चाहिए।
  • • प्रत्येक पाठ्यक्रम समस्त भाषा शैली में उपलब्ध हो जिससे छात्रों को अव्यवस्था का सामना ना करना पड़े।
  • • आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे ऑनलाइन शिक्षा के लिए जरूरी उपकरण, लैपटॉप, एंड्रॉयड मोबाइल फोन आदि लेने में असमर्थ होते है, सरकार को ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत है जिससे इन गरीब छात्रों को यह उपकरण सुविधा से प्राप्त हो सके व यह छात्र भी ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर हो सके।
  • • वर्तमान में ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल इंडिया, ई- बस्ता, पढ़े भारत ऑनलाइन जैसे अन्य अभियानों की शुरुआत की गई है जो की इस क्षेत्र में प्रभाव पूर्ण कदम है।

कोरोना वायरस में ऑनलाइन पढ़ाई / शिक्षा :

ऑनलाइन पढ़ाई वर्तमान युग में अत्यंत आवश्यक है, यह बात कोरोना काल में सिद्ध हो चुकी है। प्रत्येक व्यक्ति को कोरोना वायरस के कारण दुनिया में उत्पन्न संकटों के विषय में जानकारी है। इसी के चलते शिक्षा प्रणाली, औघोगिक प्रणाली एवं समस्त कार्य प्रणाली का विकास रुक चुका है। संपूर्ण विश्व में समय समय पर लॉकडाउन लगाया जा रहा है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए केंद्रीय सरकार द्वारा देश में भी लॉकडाउन का आदेश दिया चुका है। ऐसे में स्कूल व कॉलेज जाने वाले छात्रों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा है। इस स्थिति में छात्रों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन शिक्षा एक वरदान के रूप में उभर कर आई है। इसके माध्यम से तमाम छात्रों को अपनी पढ़ाई में सहायता मिली है। कोरोना काल की स्थिति में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था के महत्व को कुशलता से समझा जा चुका है। ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था में अनेक नुक़सान होते हुए भी इसकी कमी को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है तथा इस व्यवस्था को हर छात्र तक पहुंचाने का लक्ष्य तैयार किया जा रहा है।

निष्कर्ष

ऑनलाइन पढ़ाई उन लोगों के लिए बढ़िया विकल्प है जो काम करते हुए या घर की देखभाल करने के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख पाते है। अपनी सुविधा अनुसार वह ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर सकते है। यह एक नयी प्रकार की शिक्षा है जो हर देश अपना रहा है। विद्यार्थिओं को ज़रूरत है कि वह मन लगाकर पढ़े और अपना और अपने देश का  भविष्य उज्जवल करे। जो बच्चे ऑनलाइन शिक्षा को पाने में असमर्थ है उनके लिए निशुल्क ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था करने की ज़रूरत है ताकि शिक्षा से कोई वंचित ना रहे।ऑनलाइन शिक्षा एक बढ़िया माध्यम है जहाँ छात्रों को अवश्य शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए।

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