झारखण्ड में भाजपा नेता की हुईं हत्या के वांछित मुन्ना बंजरगी गैंग के दो अपराधी गिरफ्तार

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झारखण्ड में भाजपा नेता की हुईं हत्या के वांछित मुन्ना बंजरगी गैंग के दो अपराधी गिरफ्तार

वाराणसी। एस0टी0एफ0, उ0प्र0 व झारखण्ड पुलिस के संयुक्त टीम द्वारा थाना ओरमांझी जनपद रांची झारखण्ड अन्तर्गत दिनांक 22.09..2021 को बी0जे0पी0 नेता जीतराम मुण्डा की हुई हत्या की घटना में संलिप्त मुन्ना बंजरगी गैंग के दो सक्रिय शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणः-
1. अजीत प्रताप सिंह उर्फ लल्लन सिंह, पुत्र स्व0 गजराज सिंह, नि0 ग्राम काजीहद, थाना नेवढ़िया, जनपद जौनपुर।
2. राजीव कुमार सिंह पुत्र स्व0 उदयभान सिंह, नि0 खुनसापुर, थाना बक्शा, जनपद जौनपुर।

बरामदगीः-
1. घटना में प्रयुक्त डस्टर कार यूपी 62 एके 8755
2. मोबाईल फोन-02 अदद।
गिरफ्तारी का स्थान/समयः-
मिन्ट हाउस तिराहा, थाना कैण्ट, जनपद वाराणसी दिनंाक 29-12-2021 को समय 10.30 बजे।
उत्तर प्रदेश में सक्रिय संगठित अपराधिक गैंगों एवं अपराधियों के उन्मूलन के सम्बन्ध में अपर पुलिस महानिदेशक, एस0टी0एफ0, उ0प्र0 लखनऊ एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0, उ0प्र0 लखनऊ द्वारा एस0टी0एफ0 की विभिन्न इकाईयों/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था।

इस निर्देश के क्रम में एस0टी0एफ0 की वाराणसी ईकाई द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी। इसी दौरान झारखण्ड पुलिस द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 22-09-2021 को जनपद रांची झारखण्ड में हुई बी0जे0पी0 नेता जीतराम मुण्डा की हत्या के सम्बन्ध में थाना ओरमांझी जनपद रांची झारखण्ड पर पंजीकृत मु0अ0सं0 159/21 धारा 302, 307, 324,120बी भा0द0वि0 व 25(1-बी)ए, 26, 27, 35 आर्म्स एक्ट में वांछित अभियुक्त अजीत प्रताप सिंह उर्फ लल्लन सिंह व राजीव कुमार सिंह के जनपद वाराणसी व जनपद जौनपुर में होने की सम्भावना है। इस संबंध में थाना ओरमांझी की पुलिस टीम द्वारा एस0टी0एफ0 की वाराणसी इकाई से आवश्यक सहयोग मांगा गयाा था। इस सम्बन्ध में उ0प्र0 एस0टी0एफ0 के वाराणसी इकाई के निरीक्षक पुनीत परिहार व निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एस0टी0एफ0 वाराणसी ईकाई की टीम व झारखण्ड पुलिस टीम द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर आज दिनांक 29.12.2021 को उक्त अभियुक्तगण अजीत प्रताप सिंह उर्फ लल्लन सिंह व राजीव कुमार सिंह को मिन्ट हाउस तिराहा थाना कैण्ट जनपद वाराणसी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

उल्लेखनीय है कि मुन्ना बजरंगी गैंग के भाड़े के हत्यारे अमन सिंह पुत्र उदयभान सिंह नि0 जगदीशपुर काड़ीपुर थाना राजेसुल्तान जनपद अम्बेडकर नगर जो कि धनबाद (झारखण्ड) की बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकाण्ड में बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारागार में निरूद्ध है के द्वारा जीतराम मुण्डा की हत्या मनोज मुण्डा से 05 लाख रूपये की सुपारी लेकर अलीशेर उर्फ बाबूसाहब उर्फ बूढा पुत्र मकबूल नि0 बैरिडीह थाना देवगांव आजमगढ़ और हेमन्त यादव उर्फ डब्लू पुत्र हंसलाल यादव नि0 भुजाडी थाना खानपुर गाजीपुर से कराया गया था। दिनांक 25-10-2021 को एस0टी0एफ0 उ0प्र0 से हुई मुठभेड में अलीशेर अपने एक अन्य साथी कामरान के साथ मारा गया था। गिरफ्तार दोनों अभियुक्त अजीत सिंह उर्फ लल्लन सिंह व राजीव सिंह के द्वारा ही मध्यस्थता कर अलीशेर को अपने यहां शरण देते हुए झारखण्ड पहुंचाने में सहयोग प्रदान किया गया था।

अभिसूचना संकलन व पूछताछ से ज्ञात हुआ कि बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारागार में निरूद्ध नीरज सिंह हत्याकाण्ड के अभियुक्त अमन सिंह के साथ मनोज मुण्डा पुत्र कालेश्वर मुण्डा नि0 साहेर थाना ओरमांझी जनपद रांची झारखण्ड सन् 2017 में जेल में बन्द था। उसी के साथ डेविड उर्फ बलराम साहू पी0ई0एफ0आई0 नक्सली भी बन्द था। उसी के माध्यम से मनोज की मुलाकात अमन से हुई थी। मनोज मुण्डा की आपसी रंजिश जीतराम मुण्डा से थी। जीत राम मुण्डा ने मनोज मुण्डा को एक मुकदमे में गवाही करके सात साल की सजा करवा दी थी। मनोज मुण्डा इसी का बदला जीतराम मुण्डा से लेना चाहता था। इसी क्रम में डेविड ने 05 लाख रूपये में अमन से मनोज मुण्डा की बात जीतराम मुण्डा की हत्या कराने का सौदा तय करा दिया। फिर अमन ने राजीव कुमार सिंह व अजीत प्रताप सिंह उर्फ लल्लन सिंह के माध्यम से अलीशेर से बात की, जो कि उस समय अजीत सिंह उर्फ लल्लन तथा राजीव के यहां रहकर फरारी काट रहा था तथा जिसकी गिरफ्तारी हेतु 01 लाख रूपये का पुरस्कार घोषित था। उक्त दोनों ने मिलकर बरामद डस्टर कार से अलीशेर को डेहरीआनसोन तक छोडा था। जहां से अलीशेर मनोज मुण्डा के घर साहेर(झारखण्ड) पहुंचा और वहां अपने साथी हेमन्त यादव उर्फ डब्लु को बुला लिया तत्पश्चात दिनांक-22.09.2021 को समय 07.00 बजे सायं अलीशेर व डबलू यादव ने मिलकर आर्यन ढाबा पालू थाना ओरमांझी जनपद रांची में जीतराम मुण्डा की गोलीमार कर हत्या कर दी थी।

उक्त गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में यह भी बताया कि दोनों आपस में ममेरे भाई है और मुन्ना बजरंगी से इनका सम्बन्ध बहुत पुराना था। अजीत के पिता गजराज सिंह द्वारा मुन्ना बजरंगी को अपराध के शुरूआती दिनों में काफी सहयोग किया गया था और अपने यहां शरण दिया गया था। गजराज सिंह का कैलाश दूबे से चुनावी रंजिश था। जिसके कारण गजराज सिंह द्वारा कैलाश दूबे की हत्या मुन्ना बजरंगी से करा दिया गया था। इस मुकदमें में मुन्ना बजरंगी, गुड्डू यादव, राजेश दूबे, गजराज सिंह व विजय प्रताप सिंह उर्फ आलम सिंह अभियुक्त बने थे। गजराज सिंह की मृत्यु व आलम के जेल जाने के बाद मुन्ना बजरंगी गैंग से जुडे तमाम लोग इनके सम्पर्क में आ गये और इनके द्वारा शरण पाने लगे। इसी दौरान इनका सम्पर्क अमन सिंह हो गया, ये लोग मुन्ना बजरंगी गैंग के शुटरों के साथ-साथ अमन सिंह के शूटरों को भी अपने यहॉं पनाह देने लगे तथा अमन सिंह और उसके गैंग के माध्यम से ये लोग धनबाद झारखण्ड में अपना कोयले का कारोबार चलाना चाह रहे थे। उपरोक्त गिरफ्तार अभियुक्तों को झारखण्ड पुलिस द्वारा थाना कैण्ट वाराणसी में दाखिल कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।

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