OLX पर फर्जी आईडी से की गई लाखों की ठगी, साइबर थाना जौनपुर को बड़ी सफलता — मुख्य सरगना समेत 4 गिरफ्तार
Contents
- 1 OLX पर फर्जी आईडी से की गई लाखों की ठगी, साइबर थाना जौनपुर को बड़ी सफलता — मुख्य सरगना समेत 4 गिरफ्तार
- 1.1 एसपी कौस्तुभ के निर्देशन में हुई कार्रवाई
- 1.2 अब तक 10 लाख से अधिक की ठगी, 15 से अधिक मामले दर्ज
- 1.3 ठगी का तरीका: OLX पर फ्लैट, कमरा बुकिंग और सामान की बिक्री का झांसा
- 1.4 फर्जी आधार और सिम कार्ड का भी इस्तेमाल
- 1.5 गिरफ्तार आरोपी
- 1.6 बरामद सामग्री
- 1.7 IPC और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज
- 1.8 कड़ी मेहनत करने वाली साइबर थाना टीम
जौनपुर, 11 सितम्बर 2025 | विशेष संवाददाता, Hind24TV
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के अंतर्गत जौनपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। OLX जैसे लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी आईडी के माध्यम से हजारों लोगों के साथ ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। गिरोह के मुख्य सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसपी कौस्तुभ के निर्देशन में हुई कार्रवाई
जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के कुशल निर्देशन में एवं साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, सीओ सिटी देवेश सिंह, तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम शुभम वर्मा के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने गिरोह के सदस्यों को बीते बुधवार रात चांदपुर विश्वनाथ कोल्ड स्टोरेज के पास से गिरफ्तार किया।
अब तक 10 लाख से अधिक की ठगी, 15 से अधिक मामले दर्ज
गिरफ्तार अभियुक्तों पर देश के विभिन्न राज्यों में अब तक 15 से अधिक साइबर ठगी के केस दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने अब तक OLX पर फर्जी आईडी बनाकर लगभग 10 लाख रुपये की ठगी की है। गिरोह ने जानबूझकर 1,000 रुपये जैसी छोटी रकम की ठगी की रणनीति अपनाई, ताकि लोग शिकायत करने से बचें और वे आसानी से पकड़े न जाएं।
ठगी का तरीका: OLX पर फ्लैट, कमरा बुकिंग और सामान की बिक्री का झांसा
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे फर्जी सिम कार्ड के जरिए OLX पर अकाउंट बनाते थे और फिर फ्लैट, कमरा बुकिंग या सस्ता सामान बेचने के नाम पर लोगों को फंसाते थे। रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर ग्राहक से 1,000 रुपये की मांग की जाती थी। जैसे ही ग्राहक पैसा भेजता, उसे तुरंत ब्लॉक कर दिया जाता।
ठगी की गई रकम को गिरोह दुकानदारों, जान-पहचान वालों या जनसेवा केंद्रों के UPI नंबर/QR कोड के जरिए मंगवाते थे, जिससे ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती थी।
फर्जी आधार और सिम कार्ड का भी इस्तेमाल
गिरोह फर्जी आधार कार्ड फोटोशॉप के जरिए तैयार करता था। गिरोह का एक सदस्य रामदास प्रजापति, जो कि एक पीओएस एजेंट है, सिम कार्ड जारी करने के दौरान भोले-भाले लोगों का दो बार अंगूठा लगवाकर एक सिम ग्राहक को देता और दूसरा सिम गिरोह को ठगी के लिए देता।
गिरफ्तार आरोपी
- धर्मेन्द्र प्रजापति पुत्र रामजतन प्रजापति, ग्राम ढोरा, थाना फूलपुर, वाराणसी
- मनोज सरोज पुत्र उमाशंकर सरोज, तरती लक्षनपुर बनेवरा, थाना नेवढिया, जौनपुर
- रामदास प्रजापति पुत्र लक्ष्मी नारायण प्रजापति, भुवाजाग, थाना चौरी, भदोही
- अंकित कुमार यादव पुत्र रामलोचन यादव, नवापुर, थाना नेवढ़िया, जौनपुर
बरामद सामग्री
- 4 मोबाइल फोन
- 6 सिम कार्ड
- 6 एक्टिवेटेड सिम
- 1 लैपटॉप (HP) चार्जर सहित
- 1 कलर प्रिंटर
- 1 बायोमैट्रिक डिवाइस
- 6 कूटरचित आधार कार्ड
- 3 एटीएम कार्ड
- ₹4070 नकद
IPC और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज
उक्त आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा संख्या 11/25, धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कड़ी मेहनत करने वाली साइबर थाना टीम
इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही:
- प्रभारी निरीक्षक: महेश पाल सिंह
- महिला उप निरीक्षक: नीलम सिंह
- हेड कांस्टेबल: आलोक कुमार सिंह, प्रभात कुमार द्विवेदी, मुकेश कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, संतोष यादव
- कांस्टेबल: आनंद कुमार, संग्राम सिंह यादव, प्रफुल्ल यादव, सत्यम गुप्ता, सुगम यादव, चंदन यादव, अजीत कुमार, परवेज अहमद
- महिला कांस्टेबल: आकांक्षा सिंह
