नई दिल्ली. भारतीय सेना ने एक बार फिर से अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है.

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नई दिल्ली. भारतीय सेना ने एक बार फिर से अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय सेना का इंजीनियरिंग में कमाल साफ तौर पर नजर आ रहा है.

वीडियो में सेना के जवान लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र में सिंधु नदी पर एक पुल बनाते दिखाई दे रहे हैं. भारतीय सेना के साउथ वेस्टर्न कमांड के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है. वीडियो का टाइटल है- ‘ब्रिजिंग चैलेंज-नो टेरेन और न ही एल्टीट्यूड इंसुरमटेबल’. यानी ‘चुनौतियों को पाटना, न कोई भूभाग और न ही दुर्गम ऊंचाई’.

यह कारनामा पूर्वी लद्दाख में सप्त शक्ति इंजीनियर्स ने कर दिखाया है. सेना के जवान सिंधु नदी में लोहे के भारी हिस्से डाल रहे हैं. चंद घंटों में नदी पर एक पुल नजर आता है. पुल बनने के बाद भारी ट्रक उससे गुजरते भी दिखाई दे रहे हैं. सिंधु नदी पर बनाया गया यह पुल पानी में अपने आप खुलता जाता है. बाद में एक-एक करके सभी हिस्से जुड़ जाते हैं और देखते ही देखते पलभर में पुल तैयार हो जाता है.

  भारतीय सेना द्वारा सिंधु नदी में बनाये गये पुल से भारतीय सेना के जवानों का काफी फायदा होगा. रसद की आपूर्ति भी बढ़ेगी. गौरतलब है कि भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे लद्दाख सेक्टर के दो दिवसीय दौरे पर थे. उन्होंने भारतीय वायु सेना के अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी थी.

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने 2020 में पूर्वी लद्दाख के घटनाक्रम के जवाब में भारतीय वायु सेना की कार्रवाई की सोमवार को प्रशंसा की. जनरल पांडे ने कहा कि ‘भारतीय वायुसेना के अभूतपूर्व योगदान और एयरलिफ्ट’ के बिना पूर्वी लद्दाख में सेना की टुकड़ियों को समय पर पहुंचाना संभव नहीं था.

लद्दाख का अपना दो दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद दिल्ली लौटे जनरल पांडे ने सोमवार को मॉनेकशॉ केंद्र में पहले भारतीय सेना लॉजिस्टिक्‍स सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने दो साल पहले पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ पैदा हुए सीमा गतिरोध का भी उल्लेख किया.

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